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Who is Dinesh Arya: उत्तराखंड बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने दिनेश आर्य को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी ने दिनेश आर्य का चुनावी मैदान में उताकर दलितों को साधने की कोशिश की है. दिनेश आर्य की उत्तराखंड में दलित वोटरों में मजबूत पकड़ है. वह दलितों के बड़े नेता हैं. आइए जानते हैं कौन हैं सीएम धामी के करीबी रहे दिनेश आर्य?.
कौन हैं दिनेश आर्य?
दिनेश आर्य उत्तराखंड के हल्द्वानी जनपद के रहने वाले हैं. लंबे समय से बीजेपी से जुड़े दिनेश आर्य 2022 के विधानसभा चुनाव में नैनीताल सीट से दावेदारी की थी. हालांकि, उन्हें टिकट नहीं मिला था. बीजेपी ने सरिता आर्य को चुनाव मैदान में उतारा था. इसके चलते वह नाराज हो गए थे. दिनेश आर्य धामी सरकार में राज्य पेयजल अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. वह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. वर्तमान में वह धामी सरकार में दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री हैं.
मुख्यमंत्री धामी के करीबी
दिनेश आर्य नैनीताल बीजेपी जिलाध्यक्ष भी रहे. 2017 से 2021 तक अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव भी रहे. धामी सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का जनसंपर्क का जिम्मा सौंपा गया. वह मुख्यमंत्री के पीआरओ रहे. दिनेश आर्य 2022 के विधानसभा चुनाव में नैनीताल सीट से दावेदारी की थी. हालांकि, उन्हें टिकट नहीं मिला था. बीजेपी ने सरिता आर्य को चुनाव मैदान में उतारा था. इसके चलते वह नाराज हो गए थे. दिनेश आर्य धामी सरकार में राज्य पेयजल अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. वर्तमान में वह धामी सरकार में दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री हैं.
कांग्रेस का काट तैयार किया
बता दें कि उत्तराखंड में राज्यसभा की तीन सीटें हैं. इनमें ओबीसी चेहरे के रूप में कल्पना सैनी सांसद हैं. वहीं, ब्राह्मण चेहरे के रूप में महेंद्र भट्ट राज्यसभा सांसद हैं. वहीं, नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है. इसी सीटी पर दलित चेहरे के रूप में दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाया गया है. पिछले दिनों हल्द्वानी में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में बीजेपी पर दलित विरोधी के आरोप लगे थे. अब बीजेपी ने दिनेश आर्य को चुनाव मैदान में उतारकर कांग्रेस का काट तैयार कर दिया है.
47 सीटें बीजेपी के पास
उत्तराखंड विधानसभा में 70 में से भाजपा के पास 47 सीटें हैं. ऐसे में राज्यसभा सीट के लिए आवश्यक वोटों की जरूरत 36 पड़ेगी. बीजेपी यह सीट बड़े आराम से जीत सकती है. राज्यसभा सीटे के लिए नामांकन किए जा रहे हैं. 16 अक्टूबर को मतदान किए जाएंगे.