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Earthquake in Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में शनिवार रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग घरों से बाहर आ गए. बताया गया कि उत्तरकाशी में शाम 8:07 बजे पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटके महसूस होने से लोग दहशत में हैं. भूकंप की तीव्रता और भूकंप का केंद्र कहां था? यहा अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है. उत्तरकाशी भूकंप की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है. जॉन 5 और 4 में आता है.
एक सप्ताह में दूसरी बार आया भूकंप
उत्तरकाशी जिला प्रशासन के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 मापी गई है. इससे पहले मंगलवार देर रात करीब 10:23 बजे उत्तराखंड के कई इलाकों में 4.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसका केंद्र बागेश्वर रहा था. हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है. इसकी गहराई जमीन से करीब 11 किलोमीटर नीचे बताई गई है.
क्यों बार बार आता है भूकंप
बता दें कि पहाड़ी राज्य होने की वजह से उत्तराखंड को भूकंप की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है. उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, कुमाऊं में कपकोट, धारचूला, मुनस्यारी आदि भूकंप की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील हैं. उत्तरकाशी को भूकंप की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है. यह जनपद जॉन 5 में आता है. जॉन 5 का मतलब होता है काफी खतरनाक क्षेत्र. यहां पर भूकंप आने की संभावनाएं लगातार बनी हुई रहती है.
स्थानीय लोगों में बना रहता है डर
जनवरी 2026 से अक्टूबर 2026 तक उत्तरकाशी में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसके चलते लोगों के अंदर यह डर बना हुआ है कि छोटे-छोटे भूकंप के झटके कहीं किसी बड़े भूकंप आने का संकेत तो नहीं है. साल 1991 में उत्तरकाशी में आई त्रासदी को भूला नहीं जा सकता. 20 अक्टूबर 1991 को देर रात रिक्टर पैमाने पर 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था. भूंकप ने ऐसा तांडव मचाया था कि त्रासदी में सैकड़ों लोगों को जान गंवानी पड़ी थी. आपदा प्रबंधन विभाग उत्तरकाशी को लेकर काफी अलर्ट मोड में रहता है.