उत्तराखंड में बदलने वाला है मौसम: बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी का अलर्ट, 20 अक्टूबर तक ऐसा रहेगा हाल
Uttarakhand ka Mausam: उत्तराखंड में आज कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना है. इसके साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना भी है. जबकि, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने के आसार दिख रहे हैं. ऐसे में जानिए अगले कुछ दिनों तक मौसम कैसा रहेगा?
Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है, जिससे पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ठंड अचानक बढ़ सकती है. मौसम विभाग ने 15 और 16 अक्टूबर को राज्य के कई जिलों में झमाझम बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना जताई है.
उत्तराखंड में आज कैसा रहेगा मौसम?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल और सीमांत पिथौरागढ़ जिले में बिजली चमकने की संभावना है. इसके साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की भी उम्मीद है. मौसम विभाग की मानें तो मौसम में इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर 15 और 16 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल और गढ़वाल के ऊंची चोटियों पर देखने को मिलेगा.
मौसम विभाग का कहना है कि कुमाऊं मंडल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जबकि, 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी देखने को मिलेगी.
हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
मौसम विभाग का कहना है कि 16 अक्टूबर को नैनीताल, अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जनपदों के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. जिसकी वजह से मैदानी हिस्सों में भी ठिठुरन बढ़ने की उम्मीद है. 17 और 18 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी और चमोली के सुदूर उत्तरी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छिटपुट बर्फबारी जारी रह सकती है.
20 अक्टूबर से साफ हो सकता है मौसम
19 और 20 अक्टूबर से पूरे राज्य में मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ होने की संभावना है. इस मौसमी बदलाव से लोगों को ठंड के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने लोगों को प्रशासनिक गाइडलाइंस और मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है.
इसके साथ ही पर्वतीय इलाकों में सफर करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और भारी फिसलन की वजह से यातायात प्रभावित हो सकता है.
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