App

उत्तराखंड में मानसून सत्र का ऐलान: गैरसैंण में दो दिन जुटेंगे विधायक, कई फैसलों पर लगेगी मुहर

Uttarakhand News: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले धामी सरकार मानसून सत्र का आयोजन करने जा रही है. गैरसैंण में दो दिवसीय मानसून सत्र में कई अहम फैसले लिए जाएंगे.

उत्तराखंड में मानसून सत्र का ऐलान: गैरसैंण में दो दिन जुटेंगे विधायक, कई फैसलों पर लगेगी मुहर
Image Credit: Uttarakhand Monsoon Session

Uttarakhand Monsoon Session: उत्तराखंड में दो दिवसीय मानसून सत्र का आयोजन किया जाएगा. 27 और 28 अक्टूबर को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान कई अहम फैसलों पर मुहर लगेगी. उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में धामी सरकार कई प्रस्ताव पेश कर सकती है. 

छठवां बजट सत्र का होगा आयोजन 
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में धामी सरकार छठवां सत्र आयोजन करने जा रही है. धामी सरकार के इस कार्यकाल का ये आखिरी मानसून सत्र होगा. इससे पहले गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में साल 2023 में बजट सत्र का आयोजन किया गया था. इसके बाद साल 2024 में मानसून सत्र का आयोजन किया गया था. साल 2025 में बजट सत्र और मानसून सत्र का आयोजन किया गया था. इस साल बजट सत्र भी धामी सरकार यहीं पर पेश की थी. अब मानसून सत्र का आयोजन होने जा रहा है.

विकास के मुद्दों पर होगी चर्चा 
राज्य में चुनाव होने हैं. ऐसे में धामी सरकार पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, सेहत, शिक्षा, सड़क संपर्क मार्ग और पलायन जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. धामी सरकार प्रदेश की चहुंमुखी विकास का संदेश देना चाहेगी. सरकार विकास कार्यों को गिनाएगी. वहीं, विपक्ष जनहित से जुड़े विषयों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी. चुनावी वर्ष होने के नाते माना जा रहा है कि धामी सरकार कई अहम प्रस्ताव ला सकती है.  

2020 में बनी थी ग्रीष्मकालीन राजधानी 
बता दें कि चमोली के भराड़ीसैंण (गैरसैंण) को साल 2020 में उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया था. उसी साल मार्च महीने में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने भराड़ीसैंण में बजट सत्र का आयोजन किया गया था. साल 2000 में यूपी से अलग राज्य बनने के बाद से ही गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की मांग की जा रही थी. राज्य आंदोलनकारियों और यूकेडी ने इसको लेकर कई बार आंदोलन भी किए थे. 

दून मेडिकल कॉलेज में दवा की किल्लत
वहीं, उत्तराखंड के सबसे बड़े दून मेडिकल कॉलेज में दवाइयों की शॉर्टेज देखने को मिल रही है. मरीज दवाई के लिए काउंटर से काउंटर भटक रहे हैं. अस्पताल प्रशासन सभी दवाइयां उपलब्ध होने का दावा कर रहा है. दून मेडिकल कॉलेज में गैस, एलर्जी, बलगम वाली खांसी जैसी जरूरी दवाइयां अस्पताल में नहीं मिल रही हैं. मरीजों को मुफ्त दवा के लिए घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है और बाहर से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं. लंबे इंतजार और काउंटर से काउंटर भटकाने से मरीज और परिजन परेशान हैं. इससे एक बार फिर उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. 
 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More