Uttarakhand Weather: उत्तरकाशी से बागेश्वर तक फिर बरसेगी आफत: मौसम विभाग ने 5 जिलों के लिए जारी की चेतावनी
Uttarakhand ka Mausam: सितंबर के आखिरी दिनों में उत्तराखंड के मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा अलर्ट के मुताबिक, 29 सितंबर से लेकर 3 अक्टूबर तक पहाड़ों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है. जानिए अगले पांच दिनों में उत्तराखंड के किन जिलों में बारिश होगी और कहां मौसम साफ रहने का अनुमान है.
Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने जा रहा है.मौसम विभाग के अनुसार, 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. इस दौरान तेज हवाएं चलने और तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है. ऐसे में जानिए अगले कुछ दिन मौसम कैसा रहेगा?
29 सितंबर को इन जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी
मौसम केंद्र के मुताबिक, 29 सितंबर को चमोली, ऋषिकेश, देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मध्यम से तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की भी संभावना है. राजधानी देहरादून में 29 सितंबर को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (30 सितंबर से 3 अक्टूबर)
30 सितंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं मैदानी इलाकों जैसे हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा.
1 से 3 अक्टूबर का मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पहाड़ी जिलों (उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़) में एक-दो स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी. राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क और साफ रहने की उम्मीद है.
दो दिन बाद फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा
खराब मौसम की वजह से दो दिनों तक रुकी रहने के बाद चारधाम यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया है। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए प्रशासन ने सभी तीर्थयात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। संबंधित अधिकारियों और सुरक्षा टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
भूस्खलन और जलभराव का खतरा, सतर्क रहें
पहाड़ी जिलों में लगातार या बहुत बारिश से भूस्खलन, पहाड़ी नालों में अचानक पानी बढ़ने और सड़कों पर मलबा आने की आशंका रहती है. वहीं, मैदानी क्षेत्रों में निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है.
प्रशासन की अपील और श्रद्धालुओं को सलाह
चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों के पास न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी गई है. मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है. यात्रा या बाहर निकलने से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन के ताजा मौसम बुलेटिन व एडवाइजरी की जानकारी जरूर लें.