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अंग्रेजों की बसाई जगह पर ही विदेशियों के जाने पर लगा है बैन...जानिए उत्तराखंड के चकराता की अनोखी खासियतें

Chakrata hill station Uttarakhand: उत्तराखंड का चकराता अपनी खूबसूरती और टाइगर फॉल जैसे स्थलों के लिए प्रसिद्ध है. 1886 में अंग्रेजों द्वारा बसाया गया यह कैंट क्षेत्र चीन सीमा के पास होने और सुरक्षा कारणों से विदेशियों के लिए प्रतिबंधित है, जहाँ केवल भारतीय ही घूम सकते हैं.

Written By Jyoti Kumari
Published: Sep 04, 2026, 03:35 PM IST | Updated: Sep 04, 2026, 03:39 PM IST
Image Credit: Chakrata hill station Uttarakhand
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Uttarakhand hill station: उत्तराखंड अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इस देवभूमि में कई ऐसे खूबसूरत हिल स्टेशन हैं, जहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं. इन्हीं में से एक बेहद हसीन और शांत जगह है चकराता. समुद्र तल से लगभग 2118 मीटर की ऊंचाई पर यमुना और टोंस नदियों के बीच बसा यह क्षेत्र अपनी हरी-भरी वादियों, देवदार के जंगलों और सुकून भरे माहौल के लिए जाना जाता है. दिल्ली से करीब 330 किलोमीटर दूर बसा यह हिल स्टेशन एक बेहतरीन ऑफबीट डेस्टिनेशन है, जहां लोग शहर की भागदौड़ से दूर शांति की तलाश में आते हैं.

ब्रिटिश काल का इतिहास और विदेशियों पर पाबंदी

चकराता का इतिहास बहुत दिलचस्प है. ब्रिटिश शासनकाल में वर्ष 1886 में इसे एक महत्वपूर्ण सैन्य छावनी के रूप में बसाया गया था. इस जगह को अंग्रेजों ने ही विकसित किया था, लेकिन आज यहां विदेशी नागरिकों के आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. इस पाबंदी की मुख्य वजह सुरक्षा और सामरिक कारण हैं. चकराता से चीन की सीमा काफी पास पड़ती है. वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यहां एक विशेष तिब्बती गुप्त सैन्य इकाई का केंद्र स्थापित किया गया था. सुरक्षा के इसी गंभीर महत्व को देखते हुए यहां केवल भारतीय पर्यटकों को ही घूमने की अनुमति दी जाती है.

चकराता के प्रमुख दर्शनीय स्थल

चकराता और उसके आसपास घूमने के लिए कई अद्भुत जगहें मौजूद हैं:

देववन की खूबसूरती: देवदार के घने और विशाल पेड़ों से घिरा देववन प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग जैसा है. यहां से सर्दियों के मौसम में बर्फ से ढकी हिमालय की विशाल पर्वत श्रृंखलाओं का बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. आप यहां सड़क मार्ग या ट्रैकिंग के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं.

टाइगर फॉल: यह उत्तराखंड के सबसे ऊंचे झरनों में से एक है, जो लगभग 100 मीटर की ऊंचाई से गिरता है. इस खूबसूरत झरने तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को करीब 6 किलोमीटर की रोमांचक ट्रैकिंग करनी पड़ती है, जो घने जंगलों और संकरे रास्तों से होकर गुजरती है.

चिरमिरी की शाम: चकराता मुख्य बाजार से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चिरमिरी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ढलते सूरज के दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यदि आप शांत माहौल में सुकून से सूर्यास्त देखना चाहते हैं, तो यह एकदम सही जगह है.

जमुना एडवेंचर पार्क: एडवेंचर के शौकीनों के लिए यह पार्क एक मुख्य आकर्षण है. यहां पर्यटक तैराकी और रैपलिंग जैसी कई जल गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं.

चकराता कैसे पहुंचें

चकराता पहुंचने के लिए हवाई, रेल और सड़क तीनों ही मार्ग बेहद सुविधाजनक हैं. सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून का जौलीग्रांट एयरपोर्ट है, जो यहां से लगभग 115 किलोमीटर दूर है. सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन देहरादून है, जो लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इसके अलावा, आप अपनी निजी गाड़ी या देहरादून से सीधे टैक्सी लेकर भी बेहद आसानी से चकराता की खूबसूरत वादियों तक पहुंच सकते हैं.

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About the Author

ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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