9.41 लाख वोटर बाहर, 1.29 लाख नए नाम जुड़े: उत्तराखंड में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी
Dehradun News: उत्तराखंड में 8 जून से शुरू हुआ एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. शनिवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है.
Dehradun News: उत्तराखंड में राज्य चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है. इसमें 9,41,685 वोट काटे गए हैं. इससे पहले 4,53,459 वोट काटे गए थे. ऐसे में कुल मिलाकर 13,95,144 वोट काटे गए हैं. वहीं, 1.29 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं. अंतिम मतदाता सूची को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है.
1.29 लाख नए मतदाता जुड़े
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद अब राज्य में कुल 71,58,949 मतदाता पंजीकृत हैं. इस प्रक्रिया में 1,29,872 नए मतदाता जोड़े गए हैं, जबकि नियमानुसार 1,04,708 अपात्र मतदाताओं के नाम हटाया गया है. मतदाता सूची में 18–19 आयुवर्ग के 72,656 युवा मतदाता और 80 साल से अधिक आयुवर्ग के 1,22,892 वरिष्ठ मतदाता शामिल हैं. निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रदेश भर में कुल 12,543 मतदेय स्थल (पोलिंग स्टेशन) बनाए गए हैं.
छूटे लोगों को करना होगा ये काम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग 1 महीने का विशेष सत्यापन अभियान चलाएगा. 4 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा नए मतदाता के रूप में आवेदन कर सकते हैं, हालांकि उनका नाम 1 जनवरी की अर्हता तिथि के आधार पर सूची में शामिल होगा. छूटे हुए योग्य नागरिक फार्म 6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं. आपको बता दें कि पुरानी सूची से अब तक 8 लाख 1813 मतदाता अभी कम है, जिनको नोटिस दिया गया था.
यहां से लें जानकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन देखी जा सकती है. इसके साथ ही डीईओ/ ईआरओ कार्यालय एवं बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है.
सीएम धामी प्रतिक्रिया आई
वहीं, सीएम धामी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. SIR की लिस्ट पर कांग्रेस के सवाल उठाने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "वो चुनाव आयोग की अपनी प्रक्रिया है और मैं बार-बार कह रहा हूं कि यह प्रक्रिया कोई पहली बार नहीं हो रही है. यह प्रक्रिया सालों से होती आ रही है, जो नियम-कानून होंगे, उनके आधार पर देश चलेगा.
कांग्रेस के सवाल पर तीखा जवाब
उन्होंने कहा कि किसी की जबरदस्ती से देश नहीं चलेगा. सभी को यह मानना चाहिए कि देश संविधान, नियम और कानून से चलेगा. संवैधानिक संस्थाओं पर ही प्रश्न चिन्ह खड़े करने हो, EVM को ही अपनी हार का दोषी ठहराना हो. हमारे न्यायालय को कटघरे में खड़ा करना, इनकी आदत हो गई है. ये सिर्फ विरोध करने के लिए ही विरोध कर रहे हैं. इनके विरोध में कोई वास्तविक विरोध नहीं है. धरातल पर उसकी कोई सच्चाई नहीं है."