13 वर्षों का लंबा इंतजार: केदारनाथ धाम में कब बनेगा आपदा में टूटा मंदिर? टेंट के नीचे मां दुर्गा की पूजा
Kedarnath Dham: केदारनाथ धाम में 13 साल पहले आई आपदा ने उदक कुंड के पास मां दुर्गा मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया था. इसके बाद से टेंट में ही मां की पूजा अर्चना की जा रही है.
Kedarnath Dham: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू हो गई है. साल 2013 की आपदा में उदक कुंड के समीप मां दुर्गा का मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद से टेंट में ही मां की पूजा की परंपरा निभाई जा रही है. अगले 9 दिनों तक धाम में मां की आराधना होगी और बाबा केदार के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालु मां दुर्गा का आशीर्वाद भी लेंगे.
मां दुर्गा की उत्सव डोली का संगम में स्नान कराया गया
केदारनाथ धाम में नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की उत्सव डोली को विधि-विधान के साथ संगम में स्नान कराया गया. इसके बाद डोली बाबा केदारनाथ मंदिर पहुंची, जहां दर्शन-पूजन के बाद मां को उनके पूजा स्थल पर लाया गया. यहां अगले 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे. उज्जैन से केदारनाथ पहुंचीं साध्वी गौरीनाथ जी महाराज ने भी बाबा केदार के दर्शन के बाद मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की. उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. मान्यता है कि मां दुर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध करने के बाद दसवें दिन उसका वध किया था. इसी कारण नवरात्रि के 9 दिन और विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है.
अगले नवरात्रि तक मां दुर्गा के मंदिर का पुनर्निर्माण कराने की मांग
केदार सभा के महामंत्री अंकित सेमवाल ने बताया कि साल 2013 की आपदा में उदक कुंड के समीप मां दुर्गा का मंदिर क्षतिग्रस्त होने के बाद से ही यहां टेंट में पूजा-अर्चना की जा रही है. केदार सभा इस परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है. केदार सभा के महामंत्री अंकित सेमवाल ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी नवरात्रि तक मां दुर्गा के मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि श्रद्धालु मंदिर में मां के दर्शन कर सकें.
9 दिनों तक चलेगी पूजा अर्चना
वहीं, केदार सभा के मीडिया प्रभारी पंकज शुक्ला ने बताया कि परंपरा के अनुसार मां की डोली को संगम में स्नान कराने के बाद बाबा केदार के दर्शन कराए गए. अब 9 दिनों तक पंडाल में मां की पूजा-अर्चना की जाएगी. धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालु भी मां के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं. आपदा में मां दुर्गा का मंदिर भले ही क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन मां के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था आज भी अटूट है. अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग पर कब तक कार्रवाई होती है?.