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हेमकांत नौटियाल/उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जनपद में पिछले 24 घंटे से अधिक समय से लगातार बारिश होने का सिलसिला जारी है. वहीं, उच्च हिमालय क्षेत्र गंगोत्री नेशनल पार्क के गोमुख, तपोवन, कालिंदी, सतोपंथ आदि क्षेत्रों में 4 से 5 फीट बर्फबारी हो चुकी है. अभी भी बर्फबारी होने का सिलसिला जारी है. ऐसे में बीते कुछ दिन पहले बड़ी संख्या में गौमुख ट्रैक पर ट्रैकिंग के लिए गए विभिन्न ट्रैकिंग दल कई स्थानों पर फंसे हुए हैं. जिला प्रशासन लगातार ट्रैकिंग दलों से संपर्क साधने में जुटा हुआ है.
हेली सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट पर रहने के निर्देश
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन से जुड़े रेखीय विभाग के साथ बैठक कर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के लिए गए ट्रैकर्स एवं पोर्टरों की सुरक्षा को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने हेली सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रहने एवं सोमवार को हेली रैकी और आवश्यकता पड़ने पर हवाई रेस्क्यू शुरू करने के निर्देश दिए हैं. चिकित्सकों की टीमें, जरूरी दवाइयां और एंबुलेंस को समीपवर्ती स्थानों पर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी ट्रैकर को तत्काल उपचार मिल सके.
जिला प्रशासन ने अलर्ट मोड में रहने को कहा
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, एनआईएम और वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड़ में काम कर रही हैं. जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से सैटेलाइट संचार के माध्यम से गाइडों से लगातार संपर्क किया जा रहा है. जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुल 136 पर्वतारोही, ट्रैकर एवं सहयोगी स्टाफ मौजूद हैं. इसमें से हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन के अंतर्गत कुल 89 तथा हाई अल्टीट्यूड ट्रैकिंग श्रेणी में कालिंदी पास बेस कैंप पर 18 और ऑडिन कोल पास बेस कैंप में 29 सदस्य शामिल हैं. जिला प्रशासन की प्राथमिकता उच्च हिमालय में मौजूद सभी ट्रैकर्स और पोर्टरों को सुरक्षित नीचे लाना है. अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र हर्षिल के लिए रवाना हो गई हैं. जिला प्रशासन ने सभी संबंधित टीमों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं.
चमोली में मूसलाधार बारिश से जगह जगह खतरा
वहीं, चमोली जिले में लगातार हो रही मूसलाधार भारी बारिश के चलते कदम कदम पर खतरा बना हुआ है. ऐसे में जगह जगह पहाड़ दरकने से सड़कें बंद हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कर्णप्रयाग नैनिसैण मोटमार्ग पर आज चट्टान दरकने से मार्ग गडकोट के पास बाधित हो गया था. मार्ग पर बड़ी चट्टान गिरी हुई थी. सरकारी मशीनरी आने से पहले वहां मौजूद युवाओं ने मार्ग से चट्टान को हटाना शुरू किया और कड़ी मेहनत के बाद कुछ ही देर में चटान को सड़क से हटा दिया तब जाकर मार्ग यातायात के लिए सुचारु हो पाया.
रुद्रनाथ ट्रैक पर दर्दनाक हादसा
चमोली जिले में भारी बारिश के बीच रुद्रनाथ ट्रैक पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. सगर गांव के पास ट्रैक पर करीब 4 किलोमीटर आगे एक व्यक्ति पहाड़ी से नीचे गहरी खाई में गिर गया. सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके के लिए रवाना हुई और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब 150 मीटर गहरी खाई से शव बरामद किया. मृतक की पहचान 36 वर्षीय अशोक पुत्र श्रीकांत, निवासी मद्रास के रूप में हुई है. हादसे के कारणों को लेकर पुलिस की आवश्यक कार्रवाई जारी है.
केदारनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक
केदारनाथ धाम की यात्रा पर एक बार फिर मौसम ने ब्रेक लगा दिया है. पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है. यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की गई है. वहीं, अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी वार्निंग लेवल से ऊपर पहुंच गया है.
कोसी का जलस्तर बढ़ा
नैनीताल जिले के रामनगर में लगातार हो रही बारिश के बीच कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रसिद्ध गिरिजा देवी मंदिर परिसर के नीचे स्थित अस्थायी दुकानों में नदी का पानी पहुंच गया है. हालात को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं. समय रहते प्रसाद विक्रेताओं ने अपनी दुकानों से सामान हटा लिया, जिससे नुकसान को टाला जा सका. बताया जा रहा है कि बारिश का सिलसिला जारी रहने और नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है.