'हां, मैं हिंदू हूं...': हरीश रावत के बयान से देवभूमि में सियासी भूचाल, क्या 'सॉफ्ट हिंदुत्व' के सहारे नैय्या पार लगाएगी कांग्रेस?
Uttarakhand Politics: 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लगातार गंगा, गाय, मंदिर और सनातन धर्म का मुद्दा उठा रहे हैं और खुद को गर्व से हिंदू बता रहे हैं. उनका कहना है कि वे हिंदू हैं और अगर वे अपनी आस्था, गाय व गंगा की बात करते हैं, तो इसमें कोई हर्ज या बुराई नहीं है. उनके इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार कर दिया है.
Uttarakhand Politics/ राम अनुज (देहरादून): उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों से काफी पहले ही सियासी पारा चढ़ने लगा है. 2017 और 2022 के चुनावों में करारी हार का सामना कर चुकी कांग्रेस अब देवभूमि में नए राजनीतिक एजेंडे के साथ उतरती दिख रही है. पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इन दिनों खुले मंचों से गंगा, मंदिर, गाय और 'सनातन धर्म' की बात कर रहे हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वे गर्व से हिंदू हैं. हरीश रावत के इस बदले सुर ने प्रदेश की राजनीति में 'सॉफ्ट हिंदुत्व' को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
'गाय-गंगा की बात करने में क्या हर्ज?'
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का यह नया अंदाज लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. अपने बयानों पर सफाई देते हुए उन्होंने सीधे तौर पर तर्क दिया कि मैं हिंदू हूं और मुझे अपने हिंदू होने को साबित करने की कोई जरूरत नहीं है. अगर हम अपनी आस्था, गाय, गंगा और मंदिरों के सम्मान की बात कर रहे हैं तो आखिर इसमें हर्ज क्या है? क्या ये किसी एक पार्टी का सर्वाधिकार है?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस अब बीजेपी के मुख्य पिच (सॉफ्ट हिंदुत्व) पर ही उसे घेरने की रणनीति तैयार कर रही है, ताकि 2027 के महासमर में खुद को बहुसंख्यक वर्ग से दूर होने के आरोपों से बचा सके.
बीजेपी का कांग्रेस पर जोरदार हमला
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सनातन राग पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल वोट बैंक की राजनीति है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र हमेशा से दोहरा रहा है. यह वही कांग्रेस है जो चुनाव आते ही गोल टोपी पहनकर मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बातें करती है और हिंदू धर्म को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ती.
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने आगे कहा कि अब जब 2027 के चुनाव पास आ रहे हैं, तो हरीश रावत को सनातन, गंगा और गाय याद आने लगी है. जनता इनके इस चुनावी हथकंडे को भली-भांति समझती है और कभी गुमराह नहीं होगी.
क्या 'सॉफ्ट हिंदुत्व' दिला पाएगा कांग्रेस को संजीवनी?
देहरादून से राजनीतिक गलियारों में अब बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि क्या कांग्रेस का यह नया 'सनातन अवतार' उसे देवभूमि में खोई हुई सत्ता वापस दिला पाएगा? बीजेपी का मुख्य चुनावी एजेंडा माने जाने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर अगर कांग्रेस भी उतरती है, तो क्या उसे इसका राजनीतिक फायदा मिलेगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि हरीश रावत के इस पैंतरे ने 2027 के रण की बिसात अभी से बिछा दी है.