हल्द्वानी बनभूलपुरा में 27 हजार लोगों का विस्थापन? सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकीं सबकी निगाहें
Haldwani News: सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर हल्द्वानी के बनभूलपुरा को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है. ड्रोन से छतों की निगरानी की जा रही है.
विनोद कांडपाल/हल्द्वानी: बनभूलपुरा में रेलवे की करीब 30 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 9 सितंबर को सुनवाई करेगा. खास बात ये है कि मामला सुप्रीम कोर्ट की सूची में तीसरे नंबर पर लिस्टेड है. ऐसे में अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले पर टिकी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि अतिक्रमण की जद में रह रहे करीब 27 हजार लोगों के विस्थापन को लेकर अदालत क्या दिशा-निर्देश देती है?.
पीएम आवास के सर्वे के निर्देश दिए थे
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे और राज्य सरकार से प्रभावित लोगों के विस्थापन की योजना मांगी थी. साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्षेत्र में रह रहे लोगों के सर्वे के भी निर्देश दिए गए थे. संबंधित रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जा चुकी है. फैसले की तारीख नजदीक आते ही पुलिस-प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है और ड्रोन के जरिए निगरानी की तैयारी है.
मेयर ने क्या कहा?
वहीं, स्थानीय मेयर को उम्मीद है कि अतिक्रमण हटने के बाद हल्द्वानी में रेलवे के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में 9 सितंबर का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले पुलिस ने सुरक्षा का विस्तृत खाका तैयार कर लिया है. संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है.
सुरक्षा के लिहाज से तैनात रहेगी भारी फोर्स
सुरक्षा व्यवस्था में 2 सुपर जोन, 4 जोन, 2 एसपी, 5 सीओ, 15 इंस्पेक्टर/एसओ और 45 एसआई/अतिरिक्त एसआई स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे. इसके अलावा 10 एलएसआई/अतिरिक्त एलएसआई, 182 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल और 47 महिला हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल की तैनाती की गई है. सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी की 2 कंपनियां और ड्रोन की 2 विशेष टीमें भी शामिल हैं.
अग्निशमन विभाग और बम निरोधक दस्ता भी तैनात रहेगी
पुलिस ने सिर्फ जमीनी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि हवाई निगरानी की भी तैयारी की है. ड्रोन के जरिए छतों, गलियों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जाएगी. वहीं, सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी. अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. सुरक्षा व्यवस्था में अग्निशमन विभाग की 4 यूनिट, यातायात पुलिस की 4 टीमें, एक बम निरोधक दस्ता और हॉक पुलिस की 2 यूनिट भी शामिल रहेंगी.
छतों पर पत्थर, ईंट जमा करने वालों पर होगी कार्रवाई
इसके अलावा पुलिस लाइन से अतिरिक्त विशेष दस्ते, टियर गैस की 2 टीमें, एंटी-रायट की 2 टीमें और फायरिंग स्क्वाड की 2 टीमें भी तैयार रहेंगी. आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वाहन और संसाधन भी मौके पर तैनात किए जाएंगे. पुलिस ने छतों पर पत्थर, ईंट, रोड़ी या मलबा जमा करने वालों को भी सख्त चेतावनी दी है. पुलिस के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति या समूह द्वारा हिंसा या उपद्रव की तैयारी के लिए पत्थर, ईंट, मलबा, हथियार या हथियारनुमा वस्तुएं जमा की जाती हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी.