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उत्तराखंड में एक ऐसा ग्लेशियर है जिसे स्वर्ग की पौराणिक सीढ़ी माना जाता है...जानें क्या है रहस्य

Stairway to Heaven Uttarakhand: महाभारत के अनुसार युधिष्ठिर उत्तराखंड स्थित स्वर्गारोहिणी के बर्फीले रास्ते से सशरीर स्वर्ग गए थे. बद्रीनाथ से शुरू होने वाली यह 20,512 फीट ऊंची अत्यंत दुर्गम, शांत और सुंदर यात्रा पौराणिक स्थानों, प्राकृतिक झरनों और अलौकिक आध्यात्मिक अनुभवों से भरी हुई है.

उत्तराखंड में एक ऐसा ग्लेशियर है जिसे स्वर्ग की पौराणिक सीढ़ी माना जाता है...जानें क्या है रहस्य
Image Credit: Stairway to Heaven Uttarakhand

Yudhishthira Swargarohini Glacier: भारतीय पौराणिक कथाओं में उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय को देवभूमि कहा गया है.  महाभारत के महाप्रस्थानिक पर्व के अनुसार, कुरुक्षेत्र युद्ध के समाप्त होने के बाद पांडव और द्रौपदी संन्यास लेकर हिमालय की ओर निकल पड़े थे. इस कठिन यात्रा के दौरान अपने-अपने अहंकार और पापों के कारण द्रौपदी और चार पांडव एक-एक करके मृत्यु को प्राप्त हो गए. केवल सत्य और धर्म के प्रतीक युधिष्ठिर ही सशरीर स्वर्ग पहुंच सके. माना जाता है कि जिस जादुई रास्ते से युधिष्ठिर स्वर्ग गए थे, वह आज उत्तराखंड में स्थित 'स्वर्गारोहिणी ग्लेशियर' के नाम से जाना जाता है.

अद्भुत और चुनौतीपूर्ण प्राकृतिक सौंदर्य

लगभग 20,512 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित यह विशाल ग्लेशियर प्राकृतिक सुंदरता का एक अनूठा संगम है. यहां पहुंचने के लिए यात्रियों को बर्फीली चोटियों, खतरनाक चट्टानों और पथरीली घाटियों को पार करना पड़ता है. पूरा क्षेत्र पूरे साल बर्फीली और ठंडी हवाओं से घिरा रहता है. इस मार्ग पर बहते झरनों की कलकल ध्वनि और पक्षियों की चहचहाहट मन को अद्भुत शांति प्रदान करती है. बहुत कम लोगों द्वारा इस दुर्गम मार्ग पर कदम रखने के कारण यहां का माहौल आज भी बहुत शांत और एकांत बना हुआ है.

यात्रा का मार्ग और पौराणिक स्थान

स्वर्गारोहिणी की पावन यात्रा प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से शुरू होती है. इसके बाद माना गांव, लक्ष्मीवन, चक्रतीर्थ और सतोपंथ झील जैसे मुख्य पड़ाव आते हैं. यात्रा के रास्ते में नाग-नागिनी मंदिर, भृगु गुफा, माता मूर्ति मंदिर, अलकनंदा नदी और खूबसूरत वसुधारा जलप्रपात जैसे कई दर्शनीय स्थल मिलते हैं. प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर आनंदवन और लक्ष्मीवन इस यात्रा के प्रमुख आकर्षण हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नकुल ने लक्ष्मीवन में और सहदेव ने सहस्त्रधारा में अपने प्राण त्यागे थे. इसके आगे स्थित सतोपंथ झील वह स्थान है जहां भीम गिरे थे.

साधना और आध्यात्मिक अनुभव

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार स्वर्गारोहिणी ग्लेशियर में स्वर्ग तक पहुंचने के लिए सात सीढ़ियां या चरण बने हुए हैं. आज भी अनेक साधु-संत बद्रीनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद ईश्वर में लीन होने के लिए इसी बर्फीले रास्ते का उपयोग करते हैं. शांति, अध्यात्म और साहसिक यात्रा का यह संगम जीवन में एक बार अनुभव करने जैसा है. इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड अपनी समृद्ध वनस्पति और रंग-बिरंगे प्राकृतिक दृश्यों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. यदि आप भी प्रकृति के करीब जाकर देवभूमि के रहस्यों को महसूस करना चाहते हैं, तो स्वर्गारोहिणी की यह अलौकिक यात्रा आपके लिए सबसे उत्तम विकल्प साबित हो सकती है.

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About the Author

Jyoti Kumari

Jyoti Kumari

ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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