कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट: दिवाली पर उल्लू की तस्करी रोकने को बढ़ाई गई गश्त, अंधविश्वासियों पर सख्त पहरा
दीपावली नजदीक आते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है. मां लक्ष्मी के वाहन उल्लू से जुड़ी भ्रामक मान्यताओं के चलते उनके शिकार और तस्करी की आशंका बढ़ गई है. जिसके चलते निगरानी की जा रही है.
रोशनी, उमंग और खुशियों के महापर्व दीपावली के नजदीक आते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. इस त्योहार के दौरान सुख-समृद्धि पाने के नाम पर पनपे कुछ अंधविश्वास बेजुबान पक्षियों के लिए खतरा न बनें, इसके लिए कॉर्बेट प्रशासन ने निगरानी और गश्त का दायरा काफी बढ़ा दिया है.
अंधविश्वास और भ्रामक मान्यताओं पर प्रहार
सनातन धर्म में उल्लू को धन की देवी मां लक्ष्मी का वाहन माना गया है. इसी आस्था की आड़ में कुछ लोग यह अफवाह फैलाते हैं कि दीपावली पर उल्लू की बलि देने से अपार धन और समृद्धि मिलती है. इस तरह के मिथकों और तांत्रिक क्रियाओं के कारण ही इस त्योहार पर उल्लुओं के अवैध शिकार और तस्करी की आशंका काफी बढ़ जाती है. इसी खतरे को भांपते हुए कॉर्बेट पार्क प्रशासन ने समय रहते कड़े सुरक्षा कदम उठाए हैं.
संवेदनशील सीमाओं और दक्षिणी क्षेत्रों में सख्त पहरा
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल ने सुरक्षा तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों पर नजर रखी जा रही है. वन क्षेत्र में गश्त की जा रही है. विशेष रूप से पार्क की संवेदनशील दक्षिणी सीमा पर निगरानी और मॉनिटरिंग बेहद सख्त कर दी गई है, ताकि शिकारियों और तस्करों के मंसूबे को समय रहते नाकाम किया जा सके.
कॉर्बेट प्रशासन की लोगों से अपील
साथ ही लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने और बेजुबान पक्षियों की रक्षा करने की अपील की गई है. कॉर्बेट प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के नाम पर किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा न दें. उल्लू समेत किसी भी वन्य जीव का शिकार करना या उसकी तस्करी करना कानूनन अपराध है. वन्य जीव प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है.
कॉर्बेट प्रशासन के मुताबिक, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और लगातार निगरानी की जा रही है. अगर इस तरह का कोई भी मामला सामने आता है, तो वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जागरूकता की अपील
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पिछले दस सालों के दौरान इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है. इस दिवाली संकल्प लें कि खुशियों के इस पर्व पर किसी बेजुबान की जिंदगी खतरे में नहीं डालेंगे. अंधविश्वास नहीं जागरूकता अपनाएं और प्रकृति के अनमोल जीवों की रक्षा में अपना योगदान दें.
(रामनगर से विजय कश्यप की रिपोर्ट)
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