'आदि कैलाश' पर सजेगा महासंग्राम: 14,600 फीट की ऊंचाई पर दौड़ेंगे एथलीट, जानें 'परिक्रमा रन-2026' का पूरा शेड्यूल
Adi Kailash Parikrama Run 2026: आदि कैलाश की ऊंची चोटियों और बर्फीले भू-भाग के बीच देश-विदेश के एथलीट दौड़ते नजर आएंगे. सीएम पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है. व्यास घाटी में 24 से 26 अक्टूबर तक 'आदि कैलाश परिक्रमा रन-2026' का आयोजन होने जा रहा है. जिसके लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 10 अक्टूबर तक है.
Adi Kailash Parikrama Run 2026/ सुरेंद्र डसीला: उत्तराखंड के सीमांत और दुर्गम इलाकों को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर चमकाने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने एक साहसिक कदम उठाया है. व्यास घाटी की पहाड़ियों और आदि कैलाश के बर्फीले भू-भाग के बीच देश-विदेश के एथलीट अपना दम-खम दिखाते नजर आएंगे. राज्य में विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक 'आदि कैलाश परिक्रमा रन-2026' का आयोजन होने जा रहा है.
साहसिक खेल और पर्यटन के शौकीनों के लिए यह एक बेहद रोमांचक मौका है. अगर आप भी इस ऐतिहासिक रन का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो ध्यान दें कि इसके रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 तय की गई है.
गुंजी में बनाया गया है बेस कैंप
समुद्र तल से 10 हजार से 14,600 फीट की ऊंचाई पर होने वाली ये हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन बेहद चुनौतीपूर्ण होगी. पर्यटन विभाग ने बेस कैंप गुंजी में बनाया है और दौड़ गुंजी, नाबी, कुटी और जोलिंगकोंग यानी आदि कैलाश बेस से होकर गुजरेगी. पहले दिन 24 अक्टूबर को 70 किमी अल्ट्रा रन और 42 किमी फुल मैराथन होगी. 25 अक्टूबर को 21, 10 और 5 किमी रन और 26 अक्टूबर को माउंटेन टेरेन बाइकिंग होगी.
इस मैराथन में करीब 1000 एथलीट के शामिल होने की उम्मीद है. विभाग का मकसद आदि कैलाश की प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने के साथ सीमांत गांवों की आर्थिकी को मजबूत करना है.
कितने लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन?
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत बीते सालों के उत्साह को देखते हुए आदि कैलाश में हाई एल्टीट्यूड रन और माउंटेन टेरेन बाइकिंग का आयोजन होगा. जिसमें विभिन्न प्रतियोगिता के लिए 45 लाख रुपये तक का इनाम रखा गया है. अब तक 20 से 22 राज्य के लोगों ने इस प्रतियोगिता के लिए 822 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है.
एमरजैंसी सर्विस का पूरा इंतजाम
प्रदेशभर में पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होने के कारण आदि कैलाश के सफेद चादर से ढ़क गए है. पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है प्रतिभागियों एक सुंदर प्राकृतिक वातावरण मिलेगा. इसके साथ प्रतिभागियों की रहने और मूलभूत सुविधा के साथ एमरजैंसी सर्विस का पूरा इंतजाम रखा गया है.
प्रदेश में विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रदेश के दुर्गम और सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से उजागर कर रही है. सरकार का फोकस है कि ऐसे आयोजन कर क्षेत्र में बेहतर विकास के साथ युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सके.