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उत्तराखंड कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा, खिलाड़ियों के लिए भी अहम निर्णय

Pushkar Singh Dhami Cabinet Meeting: उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 10 अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली. मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹25,000 किया गया. मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए 243 सरकारी पद और 35 सहायक व्यायाम पद स्वीकृत हुए। वकीलों का मानदेय बढ़ा और हरिद्वार में ESI अस्पताल हेतु 15 एकड़ जमीन दी गई. 17 सितंबर से 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू होगा.

उत्तराखंड कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा, खिलाड़ियों के लिए भी अहम निर्णय
Image Credit: Pushkar Singh Dhami Cabinet Meeting

Uttarakhand Cabinet Decisions: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. बैठक खत्म होने के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. सरकार ने स्वास्थ्य, खेल, न्याय, ऊर्जा, कर्मचारी सुविधाओं और सामाजिक कार्यक्रमों से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं.

मेडिकल कॉलेज के इंटर्न का बढ़ा स्टाइपेंड

कैबिनेट ने राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है. अब मेडिकल इंटर्न को हर महीने 17 हजार रुपये की जगह 25 हजार रुपये स्टाइपेंड मिलेगा. सरकार के इस फैसले से मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे इंटर्न को सीधे फायदा होगा.

खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ

खेल के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. खेल नीति 2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है. इसके तहत अलग-अलग विभागों में कुल 243 पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है. इन नियुक्तियों का लाभ युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत कई विभागों में दिया जाएगा.

इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक व्यायाम के 35 पद सृजित किए गए हैं. इन पदों को मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रखा जाएगा. सरकार के इस फैसले से खिलाड़ियों को खेल के साथ रोजगार का अवसर भी मिल सकेगा.

सरकारी वकीलों का बढ़ेगा मानदेय

कैबिनेट ने सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों को भी नए सिरे से तय करने का फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है. इससे सरकारी मामलों की पैरवी करने वाले वकीलों को आर्थिक लाभ मिलेगा.

ऊर्जा और कारागार विभाग से जुड़े फैसले

ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से जुड़ी उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी दी गई है. वहीं कारागार विभाग की सेवा नियमावली के तहत अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने का फैसला लिया गया है. खाद्य विभाग के विधिक माप विज्ञान से जुड़े सेवा नियमों में भी संशोधन किया गया है.  इससे विभागीय व्यवस्था को नए नियमों के मुताबिक आगे बढ़ाया जा सकेगा.

मसूरी और हरिद्वार से जुड़े फैसले

कैबिनेट ने मसूरी में जीएमवीएन की पार्किंग में मौजूद 972 गज जमीन गढ़वाल सभा को देने का फैसला किया है. इसके अलावा हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय के पास 15 एकड़ जमीन ईएसआई अस्पताल के लिए देने पर भी सहमति बनी है.

17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान

कैबिनेट ने सेवा संकल्प अभियान को भी मंजूरी दी है. यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा. अभियान के दौरान प्रदेशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और सभी मंत्री इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे.

17 सितंबर को धार्मिक स्थलों पर दीप जलाकर आशीर्वाद लिया जाएगा. आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कार्यक्रम होंगे. लोगों की भागीदारी से स्वच्छता, वृक्षारोपण और अन्य जनहित के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अलग-अलग सामाजिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा.

बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी और नुक्कड़ नाटकों के जरिए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी. नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे। विकसित भारत के संकल्प के साथ एक चौराहे पर विकसित भारत का कलश भी रखा जाएगा.

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About the Author

Jyoti Kumari

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ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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