बाराबंकी, नितिन श्रीवास्तव: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक साल के प्रेम-प्रसंग और वीडियो वायरल होने के बाद युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया. चार दिन बाद उसका शव गोमती नदी से बरामद हुआ है. पिता का साया पहले ही उठ चुका था, ऐसे में तीन बहनों के इकलौता भाई की इस तरह मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
यह पूरा मामला बाराबंकी के सतरिख कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर गांव का है. 20 वर्षीय रामकरन एक निजी अस्पताल की कैंटीन में काम करके अपना परिवार चलाता था. परिजनों के मुताबिक, उसकी पिछले एक साल से रायबरेली की निधि नाम की युवती से बातचीत थी और दोनों शादी करना चाहते थे. दोनों के विवाह को लेकर परिवार को भी कोई आपत्ति नहीं थी. नवरात्रि के दौरान रामकरन युवती को अपनी बाइक से घुमाने ले गया था. इसी दौरान किसी ने उनका वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
वीडियो की जानकारी युवती के घरवालों को हुई तो उन्होंने विरोध किया. इसके बाद युवती की सगाई किसी अन्य युवक से कर दी गई. मृतक के जीजा नानू का आरोप है कि 19 अक्टूबर को रामकरन को फोन करके बुलाया गया था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला. काफी तलाशने के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो परिवार ने सतरिख थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. परिवार को उम्मीद थी कि उनका बेटा जल्द लौट आएगा, लेकिन शुक्रवार को असंद्रा थाना क्षेत्र में गोमती नदी में उसका शव मिलने की खबर ने उनकी उम्मीदें टूट गईं.
अब रामकरन की संदिग्ध मौत के बाद परिजन इसी घटनाक्रम को लेकर सवाल उठा रहे हैं. परिजनों ने युवती के परिवार पर हत्या का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. हालांकि, रामकरन की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे की वास्तविक वजह क्या है, यह पुलिस जांच का विषय है.
पोस्टमार्टम के बाद रामकरन का शव शेखवापुर गांव पहुंचा तो परिवार का दुख और आक्रोश फूट पड़ा. परिजनों ने शव को तिरगांव रोड पर रखकर जाम लगा दिया. उनकी मांग थी कि रामकरन की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए. सड़क पर शव रखे जाने से आवागमन बाधित हो गया. सूचना मिलने पर सतरिख पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया. परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे.
पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवार ने प्रदर्शन खत्म किया और जाम खुल गया. पुलिस की मौजूदगी में रामकरन का अंतिम संस्कार कराया गया.