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काशी के नमो घाट पर गरजेंगे राफेल-सुखोई, आसमान में दिखेगा भारत का दम, शक्ति प्रदर्शन से पहले हुआ अभ्यास

वाराणसी में होने वाले तीन दिवसीय एयर शो को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. बुधवार को एयर शो से पहले वायु सेना ने अभ्यास किया.

काशी के नमो घाट पर गरजेंगे राफेल-सुखोई, आसमान में दिखेगा भारत का दम, शक्ति प्रदर्शन से पहले हुआ अभ्यास
Image Credit: Z Creative (AI Image)

भारतीय वायुसेना की ओर से वाराणसी के नमो घाट पर तीन दिवसीय एयर शो का भव्य आयोजन किया जा रहा है. जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्य अतिथि के तौर पर इस कार्यक्रम में भाग लेंगे. वहीं, शो से पहले भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन ने अभ्यास किए.

तीन दिन चलेगा आयोजन 
वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो का भव्य आयोजन होगा. इस शो में प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और करीब 100 विमान गंगा के ऊपर हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे. प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से दो स्लॉट में (करीब डेढ़ घंटे का प्रदर्शन) आयोजन किया जाएगा. 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. इस दौरान सूर्यकिरण टीम का विक्ट्री साइन, चेतक हेलीकॉप्टरों द्वारा गंगा में पुष्पवर्षा और 'ऑपरेशन सिंदूर' का फॉर्मेशन दिखेगा.

भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ 
इस एयर शो में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के अलावा राफेल, तेजस, सुखोई-30 एमकेआई, प्रचंड हेलीकॉप्टर, आईएल-76, आईएल-78,सी-295 और एएन-32 जैसे अत्याधुनिक विमान हिस्सा लेंगे. वायु सेना इस शो के जरिए एयर और स्पेस पावर को दिखाएगा और युवाओं को प्रेरित करेगा. काशी के नमो घाट पर होने वाले तीन दिनों तक इस भव्य आयोजन में लाखों लोग शामिल होंगे. बुधवार को इस आयोजन को लेकर फुल रिहर्सल किया गया. गंगा के ऊपर आयोजित होने वाले इस भव्य प्रदर्शन की थीम “Wings over Ganges” रखी गई है, जो युवाओं को प्रेरित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति वायु सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

कुल विमानों की भागीदारी
इस प्रदर्शन में देश भर के 12 वायु अड्डों से कुल 100 विमान भाग ले रहे हैं, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और 1 ऐतिहासिक विमान शामिल हैं. इस भव्य हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के गरुड़ विशेष बल भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे.

केदार, हनुमान और सारनाथ फॉर्मेशन
केदार (राफेल), हनुमान (सुखोई-30 एमकेआई) और सारनाथ (हार्वर्ड विमान) द्वारा कम ऊंचाई पर रोमांचक और सटीक एरोबेटिक करतब दिखाए जाएंगे.

सारंग, ओंकार और गंगा फॉर्मेशन
प्रसिद्ध सारंग टीम अपनी उड़ान कला दिखाएगी. ओंकार फॉर्मेशन (एमआई-17 वी5) राष्ट्रीय व वायु सेना ध्वज लेकर उड़ेगा और गंगा फॉर्मेशन (चेतक) पुष्पवर्षा करेगा.

भागीरथी और त्रिदेव फॉर्मेशन
भागीरथी में एलसीएच व अपाचे डायमंड आकार में उड़ेंगे, जबकि “त्रिदेव” में नौसेना का कामोव-31 और तीनों सेनाओं के एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर संयुक्त समन्वय का प्रदर्शन करेंगे.

अलकनंदा, भैरव और कैलाश फॉर्मेशन
अलकनंदा (चिनूक व एएलएच मार्क IV), भैरव (सी-295 व डोर्नियर) और कैलाश (सी-130 व एएन-32) फॉर्मेशन मुख्य मंच के सामने से उड़ान भरेंगे.

त्रिलोचन, नटराज और महादेव फॉर्मेशन
त्रिलोचन (एईडब्ल्यूएंडसी व मिग-29), नटराज (नौसेना का पी-8आई व मिराज-2000) और महादेव (आईएल-78 ईंधन भरने वाला विमान व मिराज-2000) सामरिक समन्वय का प्रतीक होंगे.

विश्वनाथ, पशुपति और नीलकंठ फॉर्मेशन
विश्वनाथ (सुखोई-30 एमकेआई), पशुपति (जगुआर) और नीलकंठ (राफेल) विमान क्रमशः विक और डायमंड फॉर्मेशन में अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे.

प्रचंड फॉर्मेशन
'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता को समर्पित छह लड़ाकू विमानों (सुखोई, राफेल, जगुआर, मिराज, एलसीए, मिग-29) का 'एरोहेड' फॉर्मेशन वायु सेना की निर्णायक शक्ति दिखाएगा.

अस्सी फॉर्मेशन
स्वदेशी एलसीए तेजस विमान “अस्सी” कॉलसाइन के साथ कम ऊंचाई पर कलाबाजी दिखा कर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में भारत की आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करेगा.

दशाश्व और सूर्यकिरण टीम
“दशाश्व” फॉर्मेशन में एक सी-17 ग्लोबमास्टर विमान नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों का नेतृत्व करते हुए फ्लाईपास्ट करेगा, जिसके बाद प्रसिद्ध सूर्यकिरण टीम अपना प्रदर्शन देगी.

त्रि-सेवा समन्वय
इस प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के साथ-साथ भारतीय थल सेना और भारतीय नौसेना के चुनिंदा विमान व हेलीकॉप्टर भी शामिल होकर संयुक्त कार्यशैली की मिसाल पेश करेंगे.

(वाराणसी से जयपाल की रिपोर्ट)
 

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Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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