वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की ये खासियत: 160 KM की रफ्तार, 9 घंटे में काशी से दिल्ली, गर्म पानी और शॉवर की सुविधा
वाराणसी से दिल्ली तक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो गई है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दोनों शहरों के बीच यात्रा को रोमांचक बनाएगी.
सीएम योगी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यूपी को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात दी. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी. वाराणसी से चलने के बाद यह ट्रेन प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल होते हुए दिल्ली पहुंचेगी. यह ट्रेन यात्रियों के समय की बचत के साथ बेहतर अनुभव प्रदान करेगी. आइए जानते हैं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की खासियत क्या होगी? कैसे अन्य ट्रेनों से अलग है?.
160 किलोमीटर की रफ्तार
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है. 16 बोगियों वाले इस ट्रेन में 823 यात्रियों की क्षमता होगी. खास बात यह है कि यह 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. वाराणसी से दिल्ली के सफर को आरामदायक बनाएगी. 16 कोच वाली इस ट्रेन में थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी की सुविधा होगी. आरामदायक बर्थ और आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम से लैस किया गया है ताकि सफर में झटके कम महसूस हो.
सीसीटीवी से लैस होंगे कोच
इसेक अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक कवच सुरक्षा प्रणाली होगी. ट्रेन के सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे की सुविधा होगी. कोच के बीच ऑटोमेटिक इंटरकनेक्टेड दरवाजे और सीलबंद वेस्टिब्यूल होंगे. हर कोच में इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम होगा. इससे आपात स्थिति में मदद मिलेगी. वहीं, आग से बचने के लिए आधुनिक फायर डिटेक्शन और फायर सप्रेशन सिस्टम लगाया गया है. बेहतर एयर क्वालिटी के लिए आधुनिक एयर फिल्ट्रेशन और UV-C तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यात्रियों के लिए आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट की व्यवस्था की गई है.
गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा
दिव्यांग यात्रियों का खास ख्याल रखा गया है. मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चार्जिंग के लिए चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं. डिजिटल पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम से ट्रेन और यात्रा से जुड़ी हर जानकारी मिलेगी. ऊर्जा बचाने के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है. आधुनिक सुविधाओं के साथ भारतीय रेलवे में लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को नया विकल्प मिलेगा. फर्स्ट एसी कोच में यात्रियों को गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा होगी. फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड एसी में अलग-अलग श्रेणी की बर्थ होगी.
यात्रियों के लिए रीडिंग लाइट, 3-पिन चार्जिंग सॉकेट और USB टाइप-A व टाइप-C पोर्ट होगा. ट्रेन में वाई-फाई कनेक्टिविटी की सुविधा भी होगी. सामान रखने के लिए पर्याप्त लगेज स्पेस की व्यवस्था होगी. कोच के अंदर शोर कम करने के लिए विशेष साउंड इंसुलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. आधुनिक LED लाइटिंग और सेंसर आधारित इंटरकॉम दरवाजे होंगे. ट्रेन की बॉडी ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील से निर्मित है, जो क्रैश सुरक्षा मानकों के अनुरूप है.
कहां होगा स्टापेज?
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलेगी. रास्ते में प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में इसका ठहराव होगा. वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होकर सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. वापसी में नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलकर सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी. सप्ताह में छह दिन ही यह ट्रेन चलेगी. मौजूदा शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट और वापसी में 35 मिनट की बचत होगी.
यूपी को जल्द मिलेगी बुलेट ट्रेन की सौगात
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बहुत जल्द, उत्तर प्रदेश को बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट मिलने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. नॉर्दर्न कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होगा और आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ेगा, फिर वाराणसी, पटना और आखिर में गुवाहाटी तक जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में जब यह नॉर्दर्न कॉरिडोर पूरा हो जाएगा तो यात्रा में कितना समय लगेगा.
3 घंटे दिल्ली से वाराणसी पहुंचेंगे
दिल्ली से आगरा 59 मिनट में, जो एक घंटे से सिर्फ एक मिनट कम है. दिल्ली से कानपुर 1 घंटा 45 मिनट में, जो दो घंटे से भी कम है. आप दिल्ली से यात्रा कर सकते हैं, कानपुर में 'ठग्गू के लड्डू' का मजा ले सकते हैं, और अपना काम फिर से शुरू करने के लिए दिल्ली लौट सकते हैं. दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट में, जो दो बड़ी राजधानियों को जोड़ता है. काशी से लखनऊ 1 घंटा 21 मिनट में. यह पूर्वांचल के लोगों के लिए एक बड़ा फायदा होगा. काशी से पटना सिर्फ एक घंटे में. दिल्ली से वाराणसी 3 घंटे 33 मिनट में. दिल्ली से काशी जाने के लिए फ्लाइट की जरूरी नहीं पड़ेगी.
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