मोहम्मद गुफरान/उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है. आयोग ने चुनाव कराने के लिए टेंडर जारी कर दिया है और तीन महीने के भीतर चुनाव संपन्न कराने की तैयारी शुरू कर दी है.
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव सामग्री के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है. पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच टेंडर प्रक्रिया की दो तारीखें महत्वपूर्ण हैं...
27 अक्टूबर 2026: अमिट स्याही की आपूर्ति के लिए बोली जमा करने की आखिरी डेट
2 नवंबर 2026: टेंडर की बिड खोले जाने की तारीख.
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी टेंडर में करीब पांच लाख शीशी अमिट स्याही की आपूर्ति मांगी गई है. मतदाताओं की उंगली पर लगने वाली यही स्याही फर्जी वोटिंग रोकने का सबसे बड़ा हथियार होती है. इसके अलावा मतपेटियों, सील और स्टेशनरी के लिए भी अलग-अलग टेंडर निकाले गए हैं.टेंडर दस्तावेज के अनुसार, प्रत्येक शीशी 10 सीसी की होगी और उसके साथ एप्लीकेटर ब्रश भी दिया जाएगा. स्याही सिल्वर नाइट्रेट से बनी होगी और निर्धारित मानक IS 13209:2024 के अनुरूप होनी चाहिए.
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में यूपी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर कराए जाएं. पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव कराना संवैधानिक बाध्यता है. कोर्ट ने साफ कहा था कि चुनाव टालने की प्रवृत्ति ठीक नहीं है. हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद आयोग ने तेजी दिखाई है. सूत्रों के मुताबिक आयोग ने शासन को पत्र लिखकर तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का रोडमैप तैयार करने को कहा है.
अनुमान है कि इस बार भी यूपी में पंचायत चुनाव तीन से चार चरणों में कराए जा सकते हैं. प्रदेश में करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें, 826 ब्लॉक और 75 जिला पंचायतें हैं. करीब 12 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य चुनेंगे. मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम भी अंतिम चरण में है. कई जिलों में आरक्षण की सूची को लेकर भी मंथन चल रहा है.
अगर टेंडर प्रक्रिया 2 नवंबर तक पूरी हो जाती है तो दिसंबर के अंत या जनवरी 2026 की शुरुआत में अधिसूचना जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि फरवरी-मार्च में मतदान और मार्च-अप्रैल में मतगणना की तैयारी है।फिलहाल राज्य निर्वाचन आयोग की इस सक्रियता से साफ है कि यूपी में अब पंचायत चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है. गांव की सरकार चुनने के लिए सियासी दलों ने भी अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. ऐसे में आयोग की तैयारियों पर सबकी नजर है. हालांकि, अभी चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
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