उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान हो चुका है. इस चुनाव में कुल 14.18 लाख मतदाताओं को 152 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करना है. चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 72 जिलों में शाम 4 बजे तक कुल 55.24 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. वोटिंग के दौरान कई बूथों पर विवाद भी हुए. फतेहपुर, फतेहाबाद, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, गोरखपुर समेत कई जिलों में सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं में नोंकझोंक भी देखने को मिली.
इटावा के सैफई में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोट डाला. सपा ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. अब चलिए जानते हैं कि सबसे ज्यादा और सबसे कम वोटिंग कहां हुई?
पश्चिमी और पूर्वी यूपी के जिलों में उत्साह
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट पर सबसे ज्यादा 79.01% वोटिंग हुई है, जबकि लखनऊ खंड स्नातक सीट पर सबसे कम 38.02% मतदान हुआ. इस चुनावी जंग में पश्चिमी और पूर्वी यूपी के जिलों में खासा उत्साह देखा गया. मुरादाबाद में 75.31%, बिजनौर में 68.12% (पुरुष: 68.25%, महिला: 67.99%) और शामली में शिक्षक सीट पर 78.26% वोट पड़े. पीलीभीत में 4 बजे तक 61.73 फीसदी मतदान हुआ.
शिक्षक सीटों पर दिखा स्नातक से अधिक उत्साह
अब अगर मेरठ खंड की बात करें तो स्नातक सीट पर 39.81% और शिक्षक सीट पर 60.80% मतदान हुआ है. चुनाव रुझानों में साफ तौर पर देखा गया कि स्नातक सीटों की तुलना में शिक्षक सीटों के मतदाताओं ने ज्यादा उत्साह दिखाया. गौतमबुद्धनगर में स्नातक सीट पर 35.31% तो शिक्षक सीट पर 52.71% मतदान हुआ.
कहां हुई सबसे ज्यादा वोटिंग?
वहीं, बागपत में शिक्षक का 45.68% और स्नातक का 57.83%, हापुड़ में शिक्षक का 61.78% और स्नातक का 32.68% वोट पड़े. जबकि, सहारनपुर में शिक्षक का 53.43% और स्नातक का 36.14% मतदान हुआ. इसके अलावा बुलंदशहर में भी शिक्षक सीट पर 61.22% वोटिंग हुई. स्नातक निर्वाचन में खीरी जिले में सबसे ज्यादा मतदान हुआ. खीरी में स्नातक सीट पर 44.32 प्रतिशत मतदान हुआ. जबकि, शिक्षक निर्वाचन में रायबरेली जिले में सर्वाधिक मतदान हुआ. यहां शिक्षक सीट पर 63.14 प्रतिशत मतदान हुआ.
27 अक्टूबर को आएगा रिजल्ट
अब अगर राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां दोनों ही सीटों पर मतदान सुस्त रहा. लखनऊ स्नातक सीट पर 34.51 प्रतिशत, जबकि शिक्षक सीट पर औसतन 43.72 प्रतिशत मतदान हुआ. दोनों सीटों पर प्रतापगढ़ जिले में सबसे कम मतदान हुआ. यहां स्नातक सीट पर 31.24 प्रतिशत और शिक्षक सीट पर 49.12 प्रतिशत मतदान हुआ. अब सभी 11 सीटों के मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी, जिसके बाद नए विधान परिषद सदस्यों की तस्वीर साफ हो जाएगी.