)
अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले सियासी हवा का रुख तय करने वाले विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर वोटों की गिनती जारी है. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. अब तक सामने आए नतीजों में जहां बीजेपी ने 4 सीटों पर परचम लहराया है, वहीं सपा ने वाराणसी की शिक्षक सीट छीनकर बड़ा उलटफेर कर दिया है.
आपको बता दें, इस चुनाव में कुल 152 प्रत्याशियों के किस्मत का फैसला करीब 14.81 लाख मतदाताओं के मतों की गिनती से होना है. जिसपर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
बीजेपी ने मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर कब्जा बरकरार रखा है. शिक्षक सीट पर भाजपा के श्रीचंद शर्मा (18,099 वोट) और स्नातक सीट पर दिनेश गोयल (24,928 वोट) ने शानदार जीत दर्ज की. जबकि, लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. इसके अलावा बरेली-मुरादाबाद सीट से बीजेपी के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों विजयी रहे.
वाराणसी में सपा के लाल बिहारी यादव ने शिक्षक सीट जीतकर बड़ा सियासी संदेश दिया है. जीत के बाद उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने अखिलेश यादव पर भरोसा जताया है और सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रचार भी भाजपा को नहीं बचा सका. उन्होंने चुनाव के दौरान प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने का भी आरोप लगाया.
मतगणना के बीच कई जगहों पर हंगामा देखने को मिला. आगरा शिक्षक सीट पर मतगणना के दौरान भारी तनाव दिखा. सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और उनका कुर्ता फाड़ दिया. वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे ड्रामा बताते हुए कहा कि आकाश ने खुद अपना कुर्ता फाड़ा है. उधर, गोरखपुर विश्वविद्यालय में चल रही मतगणना का सपा ने बहिष्कार कर दिया. सपा नेताओं ने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों पर भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए पक्षपात करने का आरोप लगाया है.
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी दिलचस्प मुकाबला बना हुआ है. इलाहाबाद-झांसी सीट पर 5वें दौर की गिनती के बाद सपा प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव आगे चल रहे हैं. लखनऊ स्नातक सीट पर भी सपा उम्मीदवार कांति सिंह शुरुआती दौर से बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं, वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा और भाजपा के केदार सिंह के बीच पहले वरीयता के वोटों की गिनती जारी है. अंतिम आंकड़े आने के बाद ही यूपी एमएलसी चुनाव की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.