SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन में गिरी गाज: अनियमितताओं के बीच तीन GM की सेवा समाप्त, वरिष्ठ सलाहकार का तबादला

UPMSCL News Update:उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPMSCL) में इन दिनों प्रशासनिक स्तर पर बड़ी उथल-पुथल मची हुई है. कॉरपोरेशन में खरीद, आपूर्ति और रखरखाव में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के चलते प्रवर्तन निदेशालय (ED) और शासन स्तर पर जांच चल रही है, जिसके बीच कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी है.

Edited By Preeti Chauhan
Published: Oct 11, 2026, 12:24 PM IST | Updated: Oct 11, 2026, 12:41 PM IST
Image Credit: UPMSCL News Update
Join

मयूर शुक्ला/लखनऊ: सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद करने वाले मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमएससीएल) में तीन महाप्रबंधकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. वहीं, आपूर्ति से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार का तबादला कर दिया गया है. दवाओं और उपकरणों की खरीद, आपूर्ति और रखरखाव में अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और शासन स्तर पर जांच चल रही है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जून के अंतिम सप्ताह में तत्कालीन प्रबंध निदेशक के आदेश पर महाप्रबंधक (उपकरण) उज्ज्वल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं. महाप्रबंधक (एचआर) मोहम्मद शोएब और लेखा प्रबंधक शिखा राय की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं. इन अधिकारियों की सेवाएं समाप्त करने के पीछे सेवाओं की आवश्यकता नहीं होने का हवाला दिया गया.

इसके कुछ दिन बाद दवा आपूर्ति व्यवस्था और गुणवत्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एके त्रिपाठी को मुख्यालय से सीतापुर स्थानांतरित कर दिया गया. एक अक्टूबर को महाप्रबंधक (आपूर्ति व्यवस्था) सुगंधा शर्मा की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं. उनके आदेश में अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने और सेवाओं की आवश्यकता नहीं होने का हवाला दिया गया.

वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई
तत्कालीन प्रबंध निदेशक उज्ज्वल कुमार का तबादला तीन को भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग में कर दिया गया था. वहीं, सुगंधा शर्मा की सेवा समाप्ति का आदेश एक को जारी किया गया, हालांकि इसकी प्रति पांच को प्राप्त कराई गई.

अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनू गोस्वामी ने दावा किया है कि सुगंधा शर्मा का अनुबंध निर्धारित मानकों को पूरा करता था. ऐसे में उनकी सेवाएं समाप्त करने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए था.
वहीं, प्रबंधक (वित्त) रोहित खेतान की सेवाएं समाप्त करने के लिए तत्कालीन चेयरमैन अमित कुमार घोष ने लिखित आदेश दिया था. हालांकि, विधिक कारणों का हवाला देकर उन पर कार्रवाई नहीं की गई.

ईडी और शासन स्तर पर चल रही है जांच
यूपीएमएससीएल में पिछले कुछ समय से दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद और सप्लाई में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं. इसी के मद्देनजर अब केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.  ईडी ने कॉरपोरेशन से अब तक की गई सभी प्रमुख खरीद और सप्लाई का पूरा ब्योरा मांगा है. एक के बाद एक वरिष्ठ अधिकारियों पर हो रही इन सख्त प्रशासनिक कार्रवाइयों से स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल सप्लाई महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

UP Pension Hike: बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को जल्द मिलेगी खुशखबरी, ₹1500 हो सकती है मासिक पेंशन! अभी मंजूरी बाकी

कोडीन सिरप सिंडिकेट पर STF का शिकंजा: 38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट, शुभम जायसवाल समेत 4 नए नाम

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES