स्वामी प्रसाद मौर्य ने बदली सियासी राह! राहुल गांधी से मिलने के बाद बड़ा ऐलान, जानें नया ठिकाना
Swami Prasad Maurya: स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने इंडिया गठबंधन का हिस्सा होने का ऐलान किया है.
Swami Prasad Maurya: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने बड़ा ऐलान कर दिया है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने इंडिया गठबंधन में शामिल होने की घोषणा कर दी है. इसका मतलब यूपी विधानसभा चुनाव में अपनी जनता पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में नजर आएगी. दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुलाकात भी की है.
समान विचारधारा, समान लड़ाई
अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से अपनी मुलाकात को लेकर कहा कि "राहुल गांधी SC-ST, OBC और अल्पसंख्यकों तथा देश से जुड़े सभी मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, संघर्ष कर रहे हैं. इन्हीं मुद्दों को लेकर मैं उत्तर प्रदेश में यही काम कर रहा हूं. हमारी समान विचारधारा है, समान लड़ाई है. आज डबल इंजन की सरकार में करोड़ों नौजवान बेरोजगार हो रहे हैं, सरकार की गलत नीतियों के कारण सरकारी नौकरियां मिलनी बंद हो गई हैं.
देश में गरीबी लगातार बढ़ रही
इतना ही नहीं SC-ST, OBC का आरक्षण निष्प्रभावी कर दिया गया है. देश में गरीबी लगातार बढ़ रही है. यहां तक 140 करोड़ लोगों की आबादी में 80 करोड़ लोगों का जीवन 5-10 किलो गेहूं-चावल पर अटक गई है. महंगाई बढ़ रही है. किसान प्रधान देश होने के बाद भी किसानों को लाभकारी मूल्य का वादा करने के बावजूद उन्हें लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है. सरकारी स्कूल लगातार बंद हो रहे हैं. हर साल लगभग 10 हजार स्कूल बंद होने की कगार पर हैं.
INDIA गठबंधन के साथ रहने का फैसला
स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि अरबों-खरबों की संपत्ति को उद्योगपतियों के हवाले की जा रही है. इन तमाम समस्याओं से निपटने के लिए हम उत्तर प्रदेश में जद्दोजहद तो कर ही रहे हैं, लेकिन देश स्तर पर विकल्प कांग्रेस है, इसलिए आज INDIA गठबंधन के साथ रहने का निर्णय लिया गया. इसी विषय पर आज कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से वार्ता हुई है. हम चाहते हैं कि अगले प्रधानमंत्री राहुल गांधी हों."
कौन हैं स्वामी प्रसाद मौर्य?
स्वामी प्रसाद मौर्य का जन्म 2 जनवरी 1954 को प्रतापगढ़ जनपद के कुंडा तहसील के चकवड़ गांव में हुआ है. उन्होंने इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से लॉ में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया. 1980 से स्वामी प्रसाद मौर्य राजनीति में आ गए. स्वामी प्रसाद मौर्य 1991 से 1995 तक जनता दल में रहे. यूपी में मायावती की सरकार बनने के बाद वह बसपा में चले गए. 1996 में पहली बार डलमऊ सीट (ऊंचाहार) से विधायक बने. 2002 में दोबारा यहीं से विधायक बने. बसपा में मंत्री भी रहे. 2017 चुनाव से पहले बसपा से वह बीजेपी में चले गए. 5 साल बाद 2022 चुनाव में वह सपा में चले गए. बाद में खुद अपनी पार्टी बना ली.