पढ़ाई के साथ हुनर सीखेंगे छात्र, प्रोजेक्ट प्रवीण से 5,123 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण
Student Skill Development: योगी सरकार के 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत बांदा मंडल के 7 आवासीय विद्यालयों के 5,123 विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें 3 से 6 महीने के सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं, जिससे छात्र नौकरी व स्वरोजगार के लिए तैयार होंगे.
Job skills with education scheme: योगी सरकार विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार के लिए जरूरी हुनर सिखाने पर जोर दे रही है. इसी कड़ी में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत बांदा मंडल के सात आवासीय विद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा. इस योजना से कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले 5,123 छात्रों को फायदा मिलेगा. विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार अलग-अलग रोजगारपरक ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके पास नौकरी या स्वरोजगार के लिए जरूरी कौशल भी मौजूद हो.
सात आवासीय विद्यालयों में शुरू होगा प्रशिक्षण
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत बांदा मंडल के सात आवासीय विद्यालयों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है. इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य ऐसे छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, जो स्कूल की पढ़ाई के साथ किसी काम में भी दक्षता हासिल करना चाहते हैं. इस प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार ट्रेड चुनने का अवसर मिलेगा. इससे छात्र अपनी पसंद के क्षेत्र में बेहतर तरीके से सीख सकेंगे और भविष्य में उसी कौशल को रोजगार का जरिया बना सकेंगे.
तीन से छह महीने के होंगे सर्टिफिकेट कोर्स
विद्यार्थियों के लिए तीन से छह महीने की अवधि वाले सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जाएंगे. इन पाठ्यक्रमों में केवल किताबी जानकारी पर जोर नहीं होगा, बल्कि छात्रों को काम करके सीखने का मौका भी मिलेगा. सप्ताह में दो दिन प्रैक्टिकल क्लास कराई जाएगी, जिससे विद्यार्थी सीखी हुई बातों को वास्तविक काम में इस्तेमाल करना समझ सकें. प्रशिक्षण का मकसद छात्रों को कम समय में ऐसा कौशल देना है, जिसका इस्तेमाल वे आगे की पढ़ाई, नौकरी या स्वरोजगार में कर सकें. इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है.
प्रशिक्षण पूरा करने पर मिलेगा मान्य प्रमाणपत्र
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा. यह प्रमाणपत्र उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) की ओर से संयुक्त रूप से जारी किया जाएगा. इससे विद्यार्थियों के पास अपने कौशल को प्रमाणित करने वाला दस्तावेज होगा, जिसे वे आगे रोजगार के अवसर तलाशते समय इस्तेमाल कर सकेंगे.
सरकार की इस पहल का उद्देश्य स्कूल स्तर से ही विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना है. पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल मिलने से छात्रों को अपनी रुचि के क्षेत्र को समझने और उसमें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. बांदा मंडल के सात आवासीय विद्यालयों में शुरू होने वाला यह प्रशिक्षण 5,123 विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ हुनर जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.