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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष: यूपी में 'वोट के अधिकार' पर सियासी घमासान, कई जिलों में सपा-कांग्रेस का प्रदर्शन

UP News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गुरुवार को सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. इस दौरान कई जगहों पर पैदल मार्च किया. पुलिस ने नोकझोंक भी हुई.

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष: यूपी में 'वोट के अधिकार' पर सियासी घमासान, कई जिलों में सपा-कांग्रेस का प्रदर्शन
Image Credit: Z Creative (AI Image)

UP News: यूपी के कई जिलों में गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जिलों में पैदल मार्च निकाला, धरना दिया, नारेबाजी की और कई जगहों पर पुतला जलाने की भी कोशिश की गई. इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की और नोकझोंक की भी घटनाएं सामने आईं. कई जगहों पर पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है.

बाराबंकी में कई नेता हिरासत में 
सबसे ज्यादा जोर समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन में दिखा. बाराबंकी में पूर्व एमएलसी राजेश यादव उर्फ राजू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सपाई सड़क पर उतरे. छात्र सभा, महिला सभा, यूथ ब्रिगेड और युवजन सभा के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए. पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को केडी सिंह बाबू मार्ग पर रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हो गई. पुलिस ने राजेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया.

सीतापुर कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा 
सीतापुर में भी सपा कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क से लालबाग तक प्रदर्शन किया. कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक नारेबाजी और हंगामा चलता रहा. यहां विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष जासमीर अंसारी, सपा जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की गई.

मीरजापुर में पुलिस ने नोकझोंक 
वहीं, मीरजापुर में भी सपा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया. छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंकने की कोशिश की, जिसे लेकर पुलिस से नोकझोंक हुई और कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया.

फिरोजाबाद में पैदल मार्च 
फिरोजाबाद में सपा कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाला. कार्यकर्ता डीएम कार्यालय के चैनल गेट तक पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए. करीब तीन घंटे चले प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया. पुलिस ने पुतला दहन की कोशिश भी नाकाम कर दी.

पुतला जलाने पर एफआईआर 
प्रतापगढ़ में प्रदर्शन के दौरान पुतला फूंकने और पुलिस से नोकझोंक के मामले में पुलिस ने पांच नामजद समेत करीब 150 अज्ञात सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान धारा 163 के प्रतिबंधों का उल्लंघन हुआ और सरकारी काम में बाधा डाली गई.

कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा 
दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी कई जिलों में मोर्चा खोल दिया. अमरोहा में गांधी मूर्ति के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका. साथ ही कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे की मांग की. हरदोई में गांधी तिकुनिया पार्क से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकाली गई.

सड़क पर बैठे कांग्रेसी 
सुल्तानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सड़क पर बैठकर नारेबाजी की. अलीगढ़ में पूर्व विधायक विवेक बंसल के नेतृत्व में तस्वीर महल से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला गया. पुलिस ने कांग्रेसियों को कलेक्ट्रेट के अंदर जाने से रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ता गेट पर ही बैठ गए.

हमीरपुर में काला दिवस मनाया 
हमीरपुर के राठ और मौदहा में भी कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. कानपुर में कांग्रेस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दिल्ली में हुई कथित अभद्रता के विरोध में 'काला दिवस' मनाया. कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी और कथित फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की.

मथुरा में दो गुट भिड़े 
मथुरा में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए. डीएम कार्यालय के सामने दोनों पक्षों के बीच मारपीट और धक्का-मुक्की का वीडियो सामने आया. इससे प्रदर्शन के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई.

सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार को घेरा 
वहीं, महराजगंज पहुंचीं कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस पूरे मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एफआईआर और पुलिस कार्रवाई से कांग्रेस डरने वाली नहीं है और वोट से जुड़े सवालों पर उसका आंदोलन जारी रहेगा.

सरकार पर हमला कर रहा विपक्ष 
यूपी में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का विरोध अब सड़कों पर खुलकर दिखाई दे रहा है. सपा और कांग्रेस इसे लोकतंत्र और वोट के अधिकार से जोड़कर सरकार पर हमला कर रही हैं, जबकि पुलिस कई जगह प्रदर्शन को नियंत्रित करने में जुटी रही. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के संकेत दे रहा है. 

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About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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