App

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत मामले में ट्रस्ट ने क्या कहा? श्री हित केलि कुंज ट्रस्ट का पहला बयान सामने आया

Mathura News: पिछले दिनों प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत मामले में श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने संवेदना व्यक्त की है. ट्रस्ट ने पूरे मामले में भक्तों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत मामले में ट्रस्ट ने क्या कहा? श्री हित केलि कुंज ट्रस्ट का पहला बयान सामने आया
Image Credit: Rasik Dulari death case

कन्हैया लाल शर्मा/मथुरा: मथुरा वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत पर श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट का बयान सामने आया है. श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने आश्रम गुरु कृपा कुंज में 25 सितंबर को रसिक दुलारी शरण के साथ हुई दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि घटना से महाराज सहित समस्त परिकर आहत हैं और ट्रस्ट मृतक साधक के परिवार के प्रति पूर्ण संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त करता है.

ट्रस्ट ने की ये अपील 
ट्रस्ट ने कहा कि घटना की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जा रहा है. जांच पूरी होने तक ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, साधकों और आमजन से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर कोई वक्तव्य अथवा प्रचार न करें, जिससे पूज्य महाराज और आश्रम की छवि प्रभावित हो. बयान में कहा गया कि ट्रस्ट को पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष जांच पर पूरा विश्वास है. जांच के माध्यम से घटना से जुड़े वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाएगा. ट्रस्ट ने सभी लोगों से जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है. 

देखें ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में क्या?

25 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी मौत 
बता दें कि मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले दीपक उर्फ रसिक दुलारी श्री राधा हित केलि कुंज आश्रम के कुछ ही दूर पर बने गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट में रह रहे थे. 25 सितंबर की सुबह रसिक दुलारी ने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. शुरुआत में मामला सुसाइड से जोड़कर देखा गया. बाद में पता चला कि रसिक का प्राइवेट पार्ट कटा था. इसके बाद मामला गरमा गया. पुलिस रसिक दुलारी की संदिग्ध परिस्थितियों को मानकर जांच कर रही है. इस मामले को लेकर मथुरा के साधु संतों ने नाराजगी जाहिर की थी.  

हाईकोर्ट पहुंचा मामला 
अब पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट  के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले की एसआइटी जांच की मांग की है. उन्होंने बताया कि रसिक दुलारी शरण की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर सात स्थानों पर चोट के निशान पाए गए हैं. साथ ही प्राइवेट पार्ट भी काटा गया है. वहीं, अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हुआ है कि कूदने से पहले रसिक दुलारी छत पर बेचैन हालत में घूम रहे थे. शुरुआती जांच के बाद मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज प्राथमिक तौर पर आत्महत्या की ओर ही इशारा कर रहे हैं. 
 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो