सहारनपुर कोर्ट में सरेंडर कर सकती है इनामी श्रद्धा दुबे! शिवा शर्मा नहीं ये केस है वजह
शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रही श्रद्धा दुबे के सरेंडर को लेकर नई संभावना सामने आई है. चर्चा है कि श्रद्धा लखनऊ के बजाय सहारनपुर की अदालत में सरेंडर कर सकती है.हालांकि, अभी तक उसके सहारनपुर में आत्मसमर्पण करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
सहारनपुर/लखनऊ: लखनऊ के शिवा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में फरार चल रही 50 हजार की इनामी आरोपी श्रद्धा दुबे की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं. श्रद्धा दुबे का कनेक्शन सहारनपुर के एक पुराने साइबर ठगी मामले से भी जुड़ा हुआ है. चर्चा है कि श्रद्धा दुबे सहारनपुर की कोर्ट में सरेंडर कर सकती है, क्योंकि इस मामले में कोर्ट ने उसके नाम नोटिस जारी किया है. हालांकि, अभी तक उसके सहारनपुर में आत्मसमर्पण करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
साइबर ठगी की रकम से खरीदी गई थी कार
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2024 में सहारनपुर के एक डॉक्टर से आयुष्मान योजना के तहत बकाया भुगतान कराने के नाम पर करीब 90.59 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी. इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकित जायसवाल को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया था कि ठगी की रकम से खरीदी गई एक लग्जरी स्कोडा सुपर्ब कार (दिल्ली नंबर) को अंकित ने श्रद्धा दुबे के नाम पर रजिस्टर्ड कराया था. यह कार पिछले दो साल से सहारनपुर के साइबर क्राइम थाने में पुलिस कस्टडी में खड़ी है.
सहारनपुर कोर्ट में 30 अक्टूबर को पेशी का निर्देश
इसी मामले से जुड़े सिलसिले में सहारनपुर की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत ने श्रद्धा दुबे के नाम नोटिस जारी किया है. पुलिस और अदालत के निर्देश के तहत यह नोटिस लखनऊ के बालू अड्डा स्थित श्रद्धा दुबे के फ्लैट के मुख्य दरवाजे पर चस्पा किया गया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में श्रद्धा दुबे को 30 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होना है.
पुलिस कर्मियों पर गाज
श्रद्धा दुबे मामले को लेकर लगातार पुलिस पर उठ रहे सवालों के बीच अब पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है जिसमें हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह और डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को हटा दिया गया है.लगातार श्रद्धा दुबे फरार है और पुलिस उसको खोजने में नाकामयाब साबित हो रही है.
सूत्रों का कहना है कि पुलिस शिकंजा कसने और लगातार दबिश के बीच आरोपी कानूनी फंदे से बचने के लिए कोर्ट में सरेंडर करने का विकल्प चुन सकती है. बहरहाल, पुलिस और एसओजी की टीमें उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.