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'Trip' यानी जिहाद, 'Juice' मतलब केमिकल: अल-कायदा से जुड़े आतंकियों के सीक्रेट कोड और 'गजवा-ए-हिन्द' प्लान का पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट एक्यूआईएस के दो आतंकी मकसूद अली और नबील को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में इन लोगों ने कई खुलासा किया है..

Edited By Preeti Chauhan
Published: Sep 17, 2026, 02:03 PM IST | Updated: Sep 17, 2026, 03:42 PM IST
Image Credit: UP ATS Action
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विशाल सिंह/Lucknow: उत्तर प्रदेश एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट यानी AQIS से जुड़े होने के आरोप में दो संदिग्ध ऑपरेटिव मकसूद अली और मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है. एटीएस के मुताबिक, पूछताछ और डिजिटल जांच में दोनों के कथित नेटवर्क, WhatsApp ग्रुप, साहित्य और आपसी बातचीत में इस्तेमाल किए जाने वाले कोड वर्ड्स से जुड़ी जानकारियां सामने आई हैं. आइए पढ़ते हैं इस कथित नेटवर्क का पूरा प्लान Decode किताब से लेकर कोड वर्ड और WhatsApp ग्रुप तक.

1.अलकायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी की विचारधारा से प्रेरित होकर वॉट्सऐप ग्रुप पर मोहम्मद नबील प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ''अल कायदा इन इंडियन सब-कॉटीनेंट (AQIS)'' की विचारधारा को प्रचारित और प्रसारित कर रहा था.

2.इस ग्रुप मे मोहम्मद नबील द्वारा अलकायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी द्वारा लिखी किताब, जिसका शीर्षक जिहाद करने के 44 तरीके" है, शेयर की गयी है तथा सभी मुजाहिदीन से इस किताब को पढ़ने की अपील की गयी थी.

3.यह दस्तावेज मूल रूप से अनवर अल-अवलाकी द्वारा लिखा गया था, जो यमन में अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला (AQAP) का एक प्रमुख कमांडर और प्रचारक था. वह 2011 में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था.

4.मोहम्मद नबील द्वारा AQIS के पूर्व प्रमुख और आतंकी मौलाना आसिम उमर द्वारा लिखी गयी किताब ''तीसरी जंग-ए-अज़ीम और दज्जाल'' भी शेयर की गयी है.

5.इन किताब का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम युवाओं को मानसिक रूप से प्रभावित करना और उन्हें हिंसक चरमपंथ, प्रोपेगेंडा फैलाने या आतंकवादियों को आर्थिक सहायता देने के लिए प्रेरित करना था.

आतंक का कोड वर्ड
प्रतिबंधित आतंकी संगठन AQIS (Al-Qaeda in the Indian Subcontinent) से जुड़े ऑपरेटिव आपस में बातचीत और साजिश रचने के लिए गुप्त कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. जिहाद, चाकू, केमिकल और अन्य योजनाओं के लिए सामान्य अंग्रेजी शब्दों को कोड के रूप में उपयोग किया जा रहा था.

1-Trip- जिहाद या गतिविधियों के लिए
2-en- चाकू या हथियारों से जुड़ी बात के लिए
3-Juice- केमिकल या विस्फोटकों से जुड़े संदर्भ में
4-Project- किसी बड़ी आतंकी योजना या साजिश के लिए
5-upply- हथियारों और पैसों की डिलीवरी के लिए
6-flight delhi, flight mumbai, flight lko आतंकियों के कोड name थे
7-international flight यानी पाकिस्तानी आतंकी जिसके संपर्क में थे
8-book--जिस जगह को target करना है उसकी पिक्चर
9-fresher--जो लड़के आतंक के रास्ते मे आना चाहते थे
10-tea point---किसी भी जगह पर एक साथ मिलने की जगह को

आतंक का WhatsApp नेटवर्क
यूपी एटीएस की कार्यवाही में गिरफ्तार हुए दोनों आतंकियों ने आतंक के कई वॉट्सऐप ग्रुप जॉइन कर रखा था.
1.जांच में ''ला गालिब इल्लाह'' नाम से एक संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप का खुलासा हुआ है.
2.इसमें एडमिन नबील था. नबील द्वारा ग्रुप मे जुड़े सदस्यों को स्वागत के लिए मुजाहिद कहके संबोधित किया जाता था.
3.अरबी भाषा मे "ला गालिब-इल्लल्लाह" बनाया गया था.

4.''Flames of War'' नाम के ग्रुप से भी नबील जुड़ा हुआ था
जिसमें विभिन्न देशों जैसे- बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब आदि के लोग भी जुड़े हैं. इन ग्रुप्स मे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल कायदा की विचारधारा को प्रसारित किया जा रहा है. मोहम्मद नबील द्वारा दूसरे देशों (पाकिस्तान, तुर्की बांग्लादेश) में जाकर अपने मकसद को पूरा करने के लिए ट्रेनिंग करने एवं बम आदि बनाने की योजना बनाई गयी है, साथ ही बम बनाने की विधि से संबंधित वीडियो, पोटैशियम नाइट्रेट को प्राप्त करने से जुड़ी बातें भी की गयी हैं. नबील ने ग्रुप पर अपने साथियों से वक़्त आने पर पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत पर गजवा-ए-हिन्द करने की योजना भी बनायी जा रही थी.

5.मकसूद के द्वारा दो वॉट्सऐप अकाउंट का प्रयोग किया जा रहा था, जिसमें "UU Entry Gate", "United Ummah", "Gazwa e Hind", "Team Black Hat" व "Lashkar e Mehndi" जैसे वॉट्सऐप ग्रुप हैं, जिनमें पाकिस्तानी हैकर सहित कई अन्य पाकिस्तानी नंबर जुड़े हुए हैं.

6.इसके द्वारा अपने मकसद के लिए सेक्योर मैसेजिंग एप बनाने और एक प्लेटफॉर्म पर वार्ता किए जाने की बात पूछताछ में आयी है.
7.इन्हीं ग्रुप्स के माध्यम से जेहादी और कट्टरपंथी विचारधारा को प्रसारित भी किया जा रहा था.

8.मकसूद, मोहम्मद नबील द्वारा बनाए गए वॉट्सऐप ग्रुप ''ला गालिब - इल्लल्लाह'' से भी जुड़ा था जिसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन AQIS से संबंधित साहित्य और बम बनाने के वीडियोज साझा किए जा रहे थे.

9. मकसूद पाकिस्तान के हैकरों के संपर्क में आकर हैकिंग टूल बनाने का प्रयास कर रहा था. मकसूद ने पायथन, जावा, कोडिंग एवं हैकिंग का ज्ञान ऑनलाइन संसाधनों इन्स्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और विभिन्न वॉट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से सीखा है. मकसूद ने इस मकसद को पूरा करने के लिए ''CAPTAIN M NETWORK'' नामक एक सेक्योर एप्लिकेशन भी बनाया था, जिसका MOTO था - "एक प्लेटफॉर्म, एक मकसद यूनिटी, प्लान एंड एक्शन". इसी सेक्योर एप के माध्यम से नबील, मकसूद और अन्य लोग जुड़े थे.

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About the Author

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
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