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Samajwadi Party vs BJP AI Dispute: उत्तर प्रदेश की सियासत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़े एक AI जेनरेटेड वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भगवा वस्त्र में AI से तैयार वीडियो साझा किए जाने को लेकर बीजेपी नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के व्यक्तिगत जीवन और धार्मिक पहचान को लेकर इस तरह का वीडियो बनाना उचित नहीं है. उन्होंने इसे साधु समाज और भगवा रंग का भी अपमान बताया.
राजनीतिक स्तर इतना नहीं गिरना चाहिए
साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता होती है और लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध भी होना चाहिए. अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच विचारों और नीतियों को लेकर मतभेद स्वाभाविक हैं. लेकिन राजनीतिक विरोध इस स्तर तक नहीं पहुंचना चाहिए कि किसी नेता के निजी जीवन या उसकी धार्मिक पहचान को AI के जरिए गलत तरीके से पेश किया जाए.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राजनीतिक तौर पर निशाना बनाया जा सकता है, क्योंकि वह प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और उनके कामकाज पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है. लेकिन भगवा वस्त्र और सनातन परंपरा से जुड़े प्रतीकों को लेकर इस तरह का वीडियो बनाना उचित नहीं है.
किसी के व्यक्तिगत जीवन पर AI वीडियो चलाना सही नहीं
साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन को AI की मदद से बदलकर दिखाना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि आज तकनीक के माध्यम से किसी भी व्यक्ति का ऐसा वीडियो तैयार किया जा सकता है, जिसमें वह कुछ ऐसा करता हुआ नजर आए जो उसने वास्तव में कभी किया ही नहीं.
उन्होंने इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक मठ के महंत हैं. उनका संन्यास सामान्य रूप से कपड़े पहन लेने या भगवा वस्त्र धारण कर लेने भर की बात नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि विधिवत अपने गुरु से संन्यास लेने वाले व्यक्ति की धार्मिक पहचान को इस तरह AI के जरिए पेश करना उचित नहीं माना जा सकता.
भगवा रंग को टारगेट करना सनातन स्वीकार नहीं करेगा
लखनऊ में बयान देते हुए साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, देखिए आप मुख्यमंत्री को टारगेट करिए, मुख्यमंत्री वो प्रदेश के हैं, लेकिन भगवा रंग को लेकर के टारगेट करना ये सनातन धर्म कभी स्वीकार नहीं करेगा.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर राजनीतिक आलोचना की जा सकती है, लेकिन भगवा रंग को किसी राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाना अलग बात है. उनके मुताबिक भगवा रंग सनातन परंपरा और साधु-संतों की पहचान से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को गलत तरीके से दिखाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
AI वीडियो पर बढ़ रही राजनीतिक बहस
दरअसल, AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बनाए गए वीडियो को लेकर राजनीति में बहस लगातार बढ़ रही है. AI तकनीक से किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज और हावभाव को बदलकर ऐसा वीडियो तैयार किया जा सकता है, जो देखने में वास्तविक लगे, लेकिन असल में वह पूरी तरह कृत्रिम हो.