कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ेंगी या घटेंगी, इसका फैसला सोमवार को होने वाला है. उनके खिलाफ चल रहे मानहानि केस में सुल्तानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट 26 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगी. कोर्ट में राहुल गांधी खुद मौजूद हैं. रविवार को कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने बताया था कि राहुल गांधी भी कोर्ट में पेश होंगे.
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आने वाले इस फैसले को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट बढ़ गई है. वहीं, कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ गई है.
यह पूरा विवाद साल 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु की एक रैली में राहुल गांधी के बयान से जुड़ा है. आरोप है कि राहुल गांधी ने तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी. 2005 के सोहराबुद्दीन शेख मामले का जिक्र करते हुए की गई इस टिप्पणी से आहत होकर बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट में मानहानि का परिवाद दर्ज कराया था.
राहुल गांधी पर कानून की ऐसी धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें अगर उन्हें दोषी पाया गया तो उन्हें दो साल तक की जेल की सजा हो सकती है. राहुल गांधी ने जिस मामले को लेकर अमित शाह विवादित टिप्पणी की थी, उस मामले में मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 2014 में ही उन्हें बरी कर दिया था.
27 नवंबर 2023 को अदालत ने राहुल गांधी को तलब किया था. जिसके बाद वे 20 फरवरी 2024 को पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई थी. 26 जुलाई 2024 को इस मामले में राहुल गांधी का बयान दर्ज हुआ था. सुनवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने स्वीकार किया कि शाह के खिलाफ टिप्पणी नेक नीयत से की गई थी. उनका इरादा किसी को बदनाम करने का नहीं था.
दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले की तारीख तय की है. जिन धाराओं में यह मामला दर्ज है, उनमें अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है. हालांकि, राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला अधिवक्ता का कहना है कि हमें पूरी उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा. जिस बयान का जिक्र किया जा रहा है, वह तोड़ मरोड़ के पेश किया गया था.
फैसले से ठीक पहले कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है. उनका कहना है कि टिप्पणी कहीं और की गई थी और मुकदमा सुल्तानपुर में दर्ज कराया गया, जो राहुल गांधी को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अगर कोई विपरीत फैसला भी आता है, तो इससे भाजपा की बदले की राजनीति जनता के सामने बेनकाब होगी.
(सुल्तानपुर से आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट)