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परिवेश वात्स्यान/वृंदावन/मथुरा: रसिक दुलारी शरण की मौत के 11 दिन बीत जाने के बाद भी केलिकुंज आश्रम प्रबंधन की चुप्पी टूटने का नाम नहीं ले रही है. घटना के बाद से ही संत प्रेमानंद महाराज की मौजूदगी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. इस बीच, 'जी न्यूज' ने उस गुप्त स्थान को तलाश लिया है, जहां प्रेमानंद महाराज फिलहाल निवास कर रहे हैं.
केलिकुंज से 20 किमी दूर यमुना पार नया ठिकाना
केलिकुंज आश्रम से करीब 20 किलोमीटर दूर यमुना के उस पार बेलवन गांव है. गांव के पास यमुना के डूब क्षेत्र में एक आश्रम स्थित है.इसी इलाके में लक्ष्मी जी का प्रसिद्ध मंदिर भी है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही ज्यादा थी, लेकिन अब लोगों की मौजूदगी कम दिखाई देती है. वहीं, गांव में जमीन की कीमतों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं और कई जमीनों की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है.इस नए आश्रम परिसर के आसपास सुरक्षा का ऐसा कड़ा घेरा है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति, पत्रकार या श्रद्धालु को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
सख्त कमान और कैमरे के सामने 'राधे-राधे'
टीम जब मौके पर पहुंची तो पूरे रास्ते पर आश्रम के सेवादार और समर्थक तैनात मिले. ग्राउंड जीरो पर देखा गया कि जब तक मीडिया का कैमरा बंद था, तब तक टीम को आगे बढ़ने से रोका जा रहा था. लेकिन जैसे ही ऑन-कैमरा रिपोर्टिंग शुरू हुई, वहां मौजूद सभी लोग पूरी तरह मौन हो गए और सवाल पूछने पर सिर्फ 'राधे-राधे' का जाप करते नजर आए.
स्थानीय लोगों के दावे और गहराता रहस्य
भले ही आश्रम प्रशासन और सेवादार मीडिया के कैमरों के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हों, लेकिन बेलवन गांव के स्थानीय लोग दबी जुबान में कई गंभीर बातें बता रहे हैं. रात के अंधेरे में क्षेत्र की हलचल और गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. रसिक दुलारी शरण मामले में पुलिस जांच और आश्रम की चुप्पी के बीच अब यह देखना अहम होगा कि केलिकुंज या प्रेमानंद महाराज का कोई आधिकारिक बयान सामने आता है या नहीं.
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद यह मामला पहले से ही सवालों के घेरे में है. इससे पहले एक नाबालिग/युवती के लापता होने के मामले को लेकर भी प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े सवाल उठे थे और परिवार की ओर से न्याय की मांग की गई थी. मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में SIT जांच की मांग को लेकर याचिका भी दाखिल की गई थी.