'चुनाव आते ही आजम खान की याद आई'....अखिलेश यादव पर जमकर बरसे ओपी राजभर
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर आजम खान को लेकर निशाना साधा. उन्होंने इसे चुनावी जुमला बताया और सपा के घोषणा पत्र व पूर्व शासनकाल पर भी सवाल उठाए.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. सुभासपा प्रमुख और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. अखिलेश यादव द्वारा आजम खान से मुलाकात और सपा के घोषणापत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने इसे चुनावी जुमला और मुसलमानों को गुमराह करने की साजिश करार दिया है.
'अखिलेश को चुनाव के वक्त ही क्यों आए आजम खान याद?'
मीडिया से बातचीत करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आज की तारीख में मुस्लिम समाज अखिलेश यादव से दूर हो रहा है, जिसे रोकने के लिए उन्हें लंबे अरसे बाद चुनाव के वक्त आजम खान की याद आई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर चुनाव न होता तो अखिलेश यादव हालचाल लेने कभी नहीं जाते. राजभर ने दावा किया कि आजम खान के जेल में रहने के पीछे और उनकी इस स्थिति का पूरा श्रेय समाजवादी पार्टी और खुद अखिलेश यादव व उनके नेताओं को ही जाता है.
सपा के घोषणापत्र और दावों पर पलटवार
अखिलेश यादव के चुनाव से पहले मेनिफेस्टो और 200 सीटों पर दावे की रणनीति पर बोलते हुए राजभर ने कहा, वह चाहे घोषणा पत्र जारी करें या कुछ भी करें, प्रदेश में उनकी सरकार नहीं बनने वाली है.जब वे सत्ता में थे तो राज्य में दंगे हुए और गुंडागर्दी चरम पर थी, जिससे जनता त्रस्त और ऊब चुकी है.
निषाद पार्टी की दिल्ली रैली पर क्या बोले राजभर?
निषाद पार्टी की दिल्ली में आयोजित रैली पर ओम प्रकाश राजभर ने समर्थन जताया. उन्होंने कहा कि हर नेता को अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहिए और अपनी राजनीतिक ताकत बनाए रखनी चाहिए. यदि कोई नेता अपनी पार्टी के लिए काम कर रहा है और रैली के जरिए अपनी ताकत दिखा रहा है, तो यह अच्छी बात है.
29 नवंबर को आजमगढ़ में सामाजिक समरसता महा रैली
अपनी पार्टी के शक्ति प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर राजभर ने बताया कि 29 नवंबर को आजमगढ़ में सामाजिक समरसता महा रैली आयोजित की जाएगी. उनके मुताबिक, कार्यक्रम में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष समेत कई दिग्गज नेता शिरकत करेंगे.
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