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आलोक त्रिपाठी/गाजीपुर: गाजीपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला. यूपी प्रभारी विनोद तावड़े को अखिलेश यादव द्वारा PAGAL कहे जाने के सवाल पर राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव खुद पागल हो गए हैं. उन्होंने कहा कि वह जिस राजनीतिक ट्रैक पर चल रहे थे, उससे उतर चुके हैं.
पीडीए का असल मतलब बताया
मंगलवार को गाजीपुर में आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं के बढ़े हुए मानदेय को लेकर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की नीतियों पर जमकर निशाना साधा. राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए फार्मूले पर तंज कसते हुए कहा कि पहले वे एक्सप्रेस वे पर चले, फिर टू लेन पर आए, उसके बाद सिंगल लेन पकड़ ली और अब पगडंडी पकड़ने जा रहे हैं, यानी वो अपना ट्रैक खुद ही बदलते जा रहे हैं. उन्होंने अपने अंदाज में पीडीए की नई परिभाषा बताते हुए कहा कि पी यानी पहले 2017 में हारे, डी यानी दोबारा 2022 में हारे और ए यानी अबकी बार 2027 में फिर हारेंगे.
आजमगढ़ में सपा विधायक और कार्यकर्ता भिड़ रहे
उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने ही यादव समाज और कार्यकर्ताओं के साथ भेदभाव करते हैं. राजभर ने कहा कि आजमगढ़ में सपा के विधायक और कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ रहे हैं, जिससे पार्टी के अंदर की स्थिति साफ दिखाई देती है. उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव अपने 60 प्रतिशत यादव मतदाताओं के साथ भी भेदभाव कर रहे हैं. सपा सरकार के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा कि उस समय बाल पुष्टाहार तक की व्यवस्था सवालों के घेरे में थी और उनके मंत्री गाय-भैंसों को चारे में खिलाने की बातें सामने आती थीं.
योगी सरकार ने बढ़ाया मानदेय
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के समय उन्हें मात्र 4 हजार रुपये मानदेय मिलता था. योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे पहले बढ़ाकर 8 हजार रुपये किया और अब बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है. वहीं, सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के सवाल पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि कार्रवाई कोर्ट के नोटिस के बाद हुई है.
मुस्लिम वोटरों को खुश करने के लिए कर रहे बयानबाजी
उन्होंने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनकी सरकारें थीं तो उन्होंने इस मामले का संज्ञान क्यों नहीं लिया? अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती तो आज यह स्थिति नहीं आती. राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल मुस्लिम वोटरों को खुश करने के लिए बयानबाजी और फातिहा पढ़ने का काम कर रहे हैं. ओम प्रकाश राजभर ने साफ शब्दों में दावा किया कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ेगा.