दिव्या मित्तल ने पूछा- स्कूल कब बनेगा? अगले दिन गांव पहुंची नाप-जोख की टीम, जागा प्रशासन
Mirzapur News: पूर्व आईएसएस दिव्या मित्तल ने वीडियो जारी कर स्कूल निर्माण के बारे में सवाल किए थे. वीडियो वायरल होते ही गांव में स्कूल का निर्माण शुरू हो गया.
राजेश मिश्र/मीरजापुर: IAS की कुर्सी छोड़कर सियासत में उतरीं दिव्या मित्तल ने जैसे ही मीरजापुर में सवाल उठाया, उसके अगले ही दिन जमीन की नाप-जोख शुरू हो गई. अब उनकी राजनीति का पहला बड़ा पड़ाव बना है लहुरियादह गांव, जहां आजादी के बाद पहली बार पानी पहुंचा था और अब शिक्षा समेत बुनियादी सुविधाओं की मांग फिर सुर्खियों में है. यही गांव दिव्या मित्तल के सियासी सफर की नई जमीन बनता दिख रहा है.
दिव्या मित्तल के सवाल पूछने के बाद काम शुरू
दरअसल, यूपी में 13 साल तक सेवाएं देने के बाद दिव्या मित्तल ने जनसेवा करने का संकल्प लिया है. पिछले दिनों एक वीडियो में उन्होंने बताया कि वह सियासत में कदम रखेंगी. इसी वीडियो में उन्होंने मीरजापुर के लहुरियादह गांव में स्कूल निर्माण में देरी पर सवाल पूछा था. इसी गांव में पहली बार पानी पहुंचने के बाद शिक्षा की गुहार लगाई गई थी. दिव्या मित्तल के सवाल पूछने के बाद जमीन की नाप जोख शुरू हो गई.
जिलाधिकारी ने शुरू करवाया निर्माण कार्य
दिव्या मित्तल का वीडियो आने के बाद आज गांव में स्थित स्कूल के पास ही प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह के उच्चीकरण का काम शुरू कर दिया गया. आज स्कूल के लिए जमीन नपाई का कार्य किया गया. जिला अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह के उच्चीकरण ले लिए वर्ष 2024-25 में प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति वर्ष 2025-26 में राज्य परियोजना निदेशक द्वारा प्रदान करते हुए 25.58 लाख का धन आवंटन किया गया है.
25 लाख रुपये ट्रांसफर
उपजिलाधिकारी लालगंज द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है. 23 अगस्त को विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में आवंटित 25.58 लाख हस्तांतरित किया जा चुका है. पैसा मिलने के बाद विद्यालय प्रबन्ध समिति द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा है.
कौन हैं दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल यूपी कैडर की 2013 बैच की आईएएस अफसर थीं. पिछले महीने 30 अगस्त को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. 13 साल तक प्रशासनिक सेवाएं देने के बाद अब वह जन सेवा करने जा रही हैं. वह मीरजापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं. साथ ही मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट, गौतमबुद्धनगर में सीडीओ पद पर सेवाएं दे चुकी हैं.
खास पहचान मिली थी
वह आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की हैं. लाखों का पैकेज छोड़कर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और आईएएस बनीं. उनके पति भी आईएएस हैं. मीरजापुर के लहुरियादह गांव में पाइप से पानी पहुंचाने की पहल से उन्हें खास पहचान मिली थी.