प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल: मथुरा के संतों ने की CBI जांच की मांग
प्रेमानंद के शिष्य की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के मामले में मथुरा के संतों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. इसमें सीबीआई जांच कराने की मांग की है.
Mathura News: मथुरा वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.मथुरा वृंदावन के संतों ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी जी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. उन्होंने मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी सीबीआई से कराकर दूध का दूध पानी का पानी करने की मांग की है.
यह है पूरा मामला
दरअसल, मथुरा वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. छत से नीचे गिरने पर रसिक दुलारी शरण को अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था. रसिक दुलारी का प्राइवेट पार्ट कटा मिला था. उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. शुरुआती जांच में आत्महत्या के एंगल से पुलिस ने जांच करना शुरू किया.
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
रसिक दुलारी के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए थे. आरोप है कि उन्हें घंटों रसिक दुलारी से मिलने नहीं दिया गया. परिजनों का कहना है कि उन्हें पहले सूचना दी गई कि रसिक छत से गिर गए हैं. आननफानन में घर वाले आश्रम पहुंच गए, उन्हें अस्पताल नहीं जाने दिया गया. आरोप है कि रसिक दुलारी आश्रम में 2024 से रह रहे थे. जब घर के लोग मिलने आते थे, तो मिलने नहीं दिया जाता था. बता दें कि जिस आश्रम की ये घटना है वहां प्रेमानंद महाराज नहीं रहते. उसमें प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े कई शिष्य और सेवादार रहते हैं.
हजारों की संख्या में साधु संत रोजाना करते हैं परिक्रमा
दिनेश फलाहारी के साथ मथुरा वृंदावन के संतों ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. दिनेश फलाहारी महाराज ने सीएम योगी को भेज पत्र में लिखा, श्रीधाम वृंदावन की पावन भूमि हमेशा से भजन और तप की भूमि रही है. यहां समय समय पर सिद्ध महात्मा और संत मोक्ष की कामना के लिए आते हैं, जो यहां की शोभा है. संत समाज इस घटना से आहत है. उन्होंने लिखा, वृंदावन में पीले वस्त्र पहनकर हजारों की संख्या में साधु संत प्रतिदिन परिक्रमा और भजन करते हैं.
आपराधिक छवि के लोगों की पहचान कराने की मांग
उन्होंने लिखा, आज भी 90 फीसदी संत शुद्धता के साथ यहां भजन ध्यान कर रहे हैं. उनकी आड़ लेकर 10 फीसदी आपराधिक छवि के लोग भी संत का चोला पहनकर घूम रहे हैं. इन सभी का वेरिफिकेशन होना अति आवश्यक है, ताकि यहां की शुद्धता को बचाया जा सके. उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को कड़ी कार्रवाई की मांग की है.