कुशीनगर में देर रात टूटा एपी तटबंध: एक दर्जन गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा, CM योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
Kushinagar Flood News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नारायणी नदी पर बना तटबंध टूट गया. इसके चलते अचानक से आसपास के इलाकों में पानी भरने लगा. तटबंध टूटते ही आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया और पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ने लगा.
प्रमोद कुमार गौड़/कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के दबाव और कटान के चलते देर रात एपी तटबंध का करीब 25 से 30 मीटर हिस्सा टूट गया. इससे आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. घटना की सूचना मिलते ही देर रात जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया. प्रशासन के मुताबिक, ग्रामीणों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया था. फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे मामले की जानकारी लेते रहे और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तुरंत संज्ञान लिया है. सीएम देर रात तक अधिकारियों से पल-पल की जानकारी लेते रहे और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं. सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर सक्रिय हैं. मुख्यमंत्री योगी देर रात तक पल-पल की स्थिति की जानकारी लेते रहे.
एपी तटबंध टूटने के बाद तबाही
लगभग 35 गाँव में नारायणी नदी का पानी पहुंच गया है. लोग पानी भरे गांव से पलायन कर रहे हैं. लोग ऊंचे स्थानों और खुले में रहने को मजबूर हैं. अपनी गृहस्थी का सामान लेकर लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं. तमकुहीराज तहसील के जवहीं दयाल एहतमाली , चैनपट्टी , घघवा जगदीश , जगलीपट्टी सहित तमाम गांव में बाढ़ का पानी पहुंचा है. जिला प्रशासन ,SDRF, और पीएसी की टीम लोगों की मदद में जुटी है.
तटबंध में दरार और कारण
नदी का जलस्तर रात 12 बजे घटकर 2,54,000 क्यूसेक हुआ. जलस्तर घटने के दौरान नदी द्वारा किए गए तीव्र कटान और सिपेज (सीपेज) के कारण तटबंध टूटा.
प्रभावित क्षेत्र
तटबंध टूटने से लगभग एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और पानी रिहाइशी इलाकों की ओर रुख कर रहा है.
जनहानि नहीं
राहत की बात यह है कि प्रशासन द्वारा एहतियातन लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया था, जिससे अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है.
राहत व बचाव कार्य
मौके पर NDRF और SDRF की टीमों को तैनात कर दिया गया है. तटबंध की मरम्मत का काम रात से ही तेजी से जारी है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तटबंध टूटने की वजह सिपेज और नदी की कटान बताई गई है.
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से ग्रामीणों से पैनिक (घबराने) नहीं होने की अपील की है. प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों में जाने तथा सतर्क रहने को कहा गया है.