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लखनऊ के चर्चित शिवा हत्याकांड में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं. पुलिस इस हाई-प्रोफाइल केस में वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक सबूतों और चश्मदीदों के बयानों का एक ऐसा मजबूत चक्रव्यूह तैयार कर रही है, जिससे आरोपियों का बचना नामुमकिन हो जाएगा. 22 अक्टूबर को कोर्ट ने तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था. अब पुलिस तीनों आरोपियों की कस्टडी बढ़वाने के लिए कोर्ट में मजबूत पैरवी करने की तैयारी में है.
इस मामले के राज से पर्दा उठाने के लिए हजरतगंज पुलिस शनिवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में क्राइम सीन रीक्रिएशन की पैरवी करने जा रही है. इंस्पेक्टर हजरतगंज शिवानंद मिश्रा के मुताबिक, क्राइम सीन रीक्रिएशन से हत्या के वक्त की परिस्थितियों और घटनाक्रम को सटीक तरीके से समझने में मदद मिलेगी. इस वैज्ञानिक प्रक्रिया की रिपोर्ट को विवेचना का मुख्य हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे अदालत में आरोपियों के खिलाफ ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए जा सकेंगे. इसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाने और उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण करने में सहूलियत होगी.
पुलिस की विवेचना में सबसे बड़ा मोड़ श्रद्धा की नौकरानी का बयान ने ला दिया है. पूछताछ के दौरान नौकरानी ने खुलासा किया है कि शिवा की मौत से ठीक पहले उसके और श्रद्धा के बीच विवाद हुआ था. इस दौरान दोनों के बीच काफी शोर-शराबा और गाली-गलौज भी हुई थी. नौकरानी के इस बयान ने हत्या के पीछे की मुख्य वजह और उस वक्त के तनावपूर्ण माहौल की पुष्टि कर दी है, जिससे पुलिस को मुख्य आरोपी पर शिकंजा कसने में कामयाबी मिली है.
आपको बता दें, शिवा की संदिग्ध मौत के बाद आरोपी करीब 11 दिनों तक पुलिस को चकमा देते रहे. पुलिस को उनकी गिरफ्तारी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. आखिरकार पुलिस ने नागपुर के एक फ्लैट से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर को दबोच लिया. जिसके बाद पुलिस ने करीब साढ़े छह घंटे तक उनसे पूछताछ की. पुलिस उन चेहरों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने फरारी के दौरान आरोपियों को पनाह दी और उनकी मदद की. पुलिस मददगारों का नेटवर्क भी खंगालने की तैयारी में है.
पुलिस इस वक्त श्रद्धा के सहयोगी आरोपी आमिर और अन्य मददगारों के नेटवर्क को खंगाल रही है, जिसके लिए अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है.