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UP Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से सफर आसान होने के बावजूद कानपुर की सीमा पर उन्नाव में हाईवे से जुड़ने के बाद यात्रियों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. एक्सप्रेसवे पर करीब 45 मिनट में सफर पूरा करने के बाद कानपुर पहुंचने के लिए जाम में एक घंटे से अधिक समय लग रहा है. इसे देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सप्रेसवे को सीधे कानपुर से जोड़ने की योजना पर काम शुरू कर दिया है. इसके लिए जुलाई से पूर्वी और पश्चिमी हिस्से का सर्वे कराया जा रहा है.
प्रयागराज 6-लेन हाईवे से जुड़ेगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को प्रयागराज 6-लेन हाईवे से जोड़ने की योजना पर काम शुरू हो गया है. एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के पूर्वी हिस्से को नए मार्ग से जोड़ने के लिए सर्वे कराया जा रहा है. प्रस्तावित कनेक्शन गंगा पुल को पार करते हुए चकेरी और सरसौल के बीच से गुजरकर प्रयागराज हाईवे से जुड़ेगा.अधिकारियों के मुताबिक, इस हिस्से में फिलहाल भूमि अधिग्रहण में बड़ी बाधा आने की संभावना नहीं है.
इस कनेक्टिविटी से कानपुर आने-जाने के लिए एक और वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा. इससे भविष्य में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बढ़ने वाले ट्रैफिक को भी अलग-अलग रास्तों में बांटने में मदद मिल सकती है. कानपुर से जुड़ने के कई विकल्प उपलब्ध होने पर यात्रियों को भी सफर में सहूलियत मिलने की उम्मीद है.
निजी कंपनी कर रही सर्वे
इस परियोजना के लिए एक निजी कंपनी को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद डीपीआर तैयार करने समेत परियोजना के अन्य तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर आगे काम किया जाएगा.
रोज गुजर रहे 13-14 हजार वाहन
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू हो चुका है और शुरुआती दौर में करीब 13 से 14 हजार वाहन रोजाना एक लेन से गुजर रहे हैं.लखनऊ से करीब 63 किलोमीटर हिस्से के लिए टोल लिया जा रहा है. एक्सप्रेसवे से लखनऊ से कानपुर तक का सफर करीब 45 मिनट में पूरा हो रहा है, लेकिन कानपुर में प्रवेश से पहले जाम के कारण यात्रियों का समय बचने के बजाय फिर से लंबा हो जा रहा है.
आउटर रिंग रोड से जोड़ने पर भी विचार
कानपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए आउटर रिंग रोड का निर्माण भी किया जा रहा है. एक्सप्रेसवे को आउटर रिंग रोड से जोड़ने का प्रस्ताव है, लेकिन NHAI अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने के साथ इस कनेक्शन पर भी दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में एक्सप्रेसवे को सीधे कानपुर से जोड़ने की योजना को लेकर सर्वे और संभावित कनेक्टिविटी विकल्पों पर काम किया जा रहा है.