पनीर की तरह बना रहे थे हेरोइन! लखनऊ में 32 करोड़ की ड्रग्स के साथ 2 गिरफ्तार
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय दुबग्गा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक अवैध हेरोइन फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जहां से करीब 6.3 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है. इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 32 करोड़ रुपए आंकी गई है.
Lucknow Dubagga Heroin Factory Busted: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ड्रग्स के काले कारोबार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई सामने आई है. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और दुबग्गा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर दुबग्गा के महिपत मऊ इलाके में चल रही एक अवैध हेरोइन और अफीम बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने करोड़ों रुपए की ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को दबोचा है, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार है.
पनीर की तरह तैयार की जाती थी हेरोइन
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी गुवाहाटी से अफीम और हेरोइन बनाने के लिए केमिकल व कच्चा माल मंगाते थे. हैरानी की बात यह है कि जिस तरह घरों में दूध से पनीर फाड़कर बनाया जाता है, बिल्कुल उसी प्रक्रिया से ये शातिर अफीम और हेरोइन तैयार करते थे. आरोपी बी.फर्मा (B.Pharm) की डिग्री ले चुके हैं, जिसके तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल वे इस अवैध धंधे में ड्रग्स को केमिकल प्रोसेस से प्यूरीफाई करने के लिए करते थे.
आलीशान मकान में चल रहा था गोरखधंधा
शुरुआती दौर में अनस का पुराना घर कैम्पल रोड पर था, जहां यह अवैध काम होता था. बाद में ड्रग्स की अवैध कमाई से दुबग्गा इलाके में एक आलीशान मकान बनवाया गया और उसी मकान के अंदर यह पूरी फैक्ट्री चलाई जा रही थी. हेरोइन की इस अवैध बिक्री से आरोपियों ने भारी संपत्ति जुटाई और कई लग्जरी गाड़ियां भी खरीदी थीं.
छापेमारी के दौरान मौके से पुलिस ने 6.3 किलोग्राम हेरोइन बरामद की, जिसकी बाजार में कीमत करीब 32 करोड़ रुपए बताई जा रही है. इसके अलावा मौके से एक कार, तीन मोटरसाइकिलें और एक जिग्ना लोडेड पिस्टल भी बरामद की गई है.
झारखंड से लेकर बरेली तक थी सप्लाई चेन
पकड़े गए कारीगरों की पहचान अमजद और जुहैइल के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड अनस, सोहेल और मांज मौके से फरार होने में कामयाब रहे. पुलिस और ANTF की टीमें इनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं. पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यहां तैयार होने वाली हेरोइन को लखनऊ के अलावा झारखंड, झांसी, हरदोई और बरेली समेत उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में सप्लाई किया जाता था.