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215 की रफ्तार से तबाही मचा रहा अर्नब तूफान, जानिए उत्तर प्रदेश पर क्या मंडरा रहा खतरा?

चक्रवाती तूफान अर्नब से उत्तर प्रदेश में क्या खतरा हो सकता है? इस पर आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने विस्तार से बताया है.

215 की रफ्तार से तबाही मचा रहा अर्नब तूफान, जानिए उत्तर प्रदेश पर क्या मंडरा रहा खतरा?
Image Credit: File Photo

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा रहा है. इसके कारण तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश से बाढ़ का डर बना हुआ है. तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी होने के बाद अब लोगों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस तूफान का असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा?. आईआईटी कानपुर के अर्थ साइंसेज विभाग के प्रोफेसर जावेद एन. मलिक ने इसके संभावित नुकसान पर जानकारी दी है.  

यूपी में क्या पड़ेगा असर?

प्रोफेसर जावेद एन. मलिक ने बताया कि आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में तट से टकराते समय हवा की रफ्तार 215 से 220 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास आंकी गई थी, लेकिन जमीन से टकराने के बाद जैसे-जैसे तूफान आगे बढ़ता है इसकी ताकत कम होने लगती है. यह तूफान अब रायपुर की तरफ बढ़ रहा है और वहां पहुंचते-पहुंचते हवा की रफ्तार घटकर लगभग 45 किलोमीटर प्रति घंटा ही रह जाएगी. इसके बाद उत्तर प्रदेश पहुंचते-पहुंचते हवाएं और भी शांत हो जाएंगी.

कई हिस्सों में बारिश की आशंका  

आमतौर पर लोग सोचते हैं कि नदियों वाले मैदानी इलाकों में तूफानों का असर ज्यादा होता है, लेकिन प्रोफेसर मलिक ने बताया कि यूपी की नदियों पर इसका कोई खतरनाक असर नहीं होगा. तूफान अपने साथ बादल और नमी लेकर आ रहा है इसलिए यूपी के कई हिस्सों में बारिश जरूर देखने को मिलेगी. हालांकि यह बारिश बहुत ज्यादा तेज नहीं होगी और न ही इससे नदियों का पानी अचानक बढ़ने का कोई खतरा है.

ओडिशा का सुपर साइक्लोन से कम तीव्रता वाला तूफान  

मौसम के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अक्टूबर के महीने में जमीन पर हवा का दबाव कम और तापमान ज्यादा रहता है, जबकि समुद्र में हवा का दबाव ज्यादा और तापमान कम होता है. तापमान, हवा के इस दबाव और पृथ्वी की घूमने की गति की वजह से ही इस मौसम में ऐसे चक्रवात बनते हैं. साल 1999 में आया ओडिशा का सुपर साइक्लोन 250 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार वाला था, जबकि यह काफी कम तीव्रता वाला तूफान है. विशाखापट्टनम और रायपुर से आगे बढ़ते-बढ़ते इसकी हवाएं धीमी पड़ जाएंगी और यूपी में बस हल्की से मध्यम बारिश और सामान्य हवाएं ही चलेंगी. 

यूपी में कहां दिखेगा असर?

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम पूर्वानुमान विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्नब दक्षिण भारत के तटीय इलाकों से आगे बढ़ते हुए अब उत्तर प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 से 31 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रह सकता है. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश की आशंका है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है. 

(कानपुर से प्रवीण पांडेय और लखनऊ से नंदन श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

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About the Author

Amitesh Pandey

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अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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