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Kanpur murder case solve: कानपुर के सबसे पॉश इलाके में हुए कत्ल की ऐसी दास्तान जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है! 60 करोड़ का सालाना टर्नओवर, 650 सीसीटीवी कैमरों से लैस हाई-सिक्योरिटी अपार्टमेंट और घर के भीतर 26 बार चाकू से गोदकर बुजुर्ग दवा कारोबारी की हत्या. ससुर के शव पर रोने का नाटक करने वाली बहू ही कत्ल की असली सूत्रधार निकली! बंदिशों और आजादी पर पहरे से नाराज बहू ने ससुर को रास्ते से हटाने के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी दी. आइए पढ़ते हैं कानपुर के इस सनसनीखेज विनीत मनोचा हत्याकांड की परत-दर-परत इनसाइड स्टोरी और मिनट-टु-मिनट टाइमलाइन...
कानपुर बहू-ससुर हत्याकांड:पूरी टाइमलाइन
28 जुलाई को विवाद की शुरुआत
पुलिस की जांच के मुताबिक बहू शालू और उसके ससुर विनीत मिनोचा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. रिपोर्टों में CCTV कैमरों और घर में निगरानी को लेकर बहू की नाराजगी का भी जिक्र है.करोड़ों के कारोबारी घराने में बंदिशों, घर में सीसीटीवी से निगरानी और पैसों के कड़े नियंत्रण से तंग आकर बहू ने घर के पूर्व नौकर विशाल गौतम को 6 लाख रुपये की सुपारी देकर ससुर का बेरहमी से कत्ल करवा दिया.
अगस्त के आखिर-हत्या की कथित साजिश
पुलिस के मुताबिक हत्या की योजना घटना से करीब 15–20 दिन पहले बनाई गई थी. आरोप है कि शालू ने पुराने नौकर विशाल गौतम से संपर्क किया और ससुर की हत्या के लिए करीब 6 लाख रुपये में सौदा तय हुआ.
विशाल को क्यों चुना गया?
विशाल घर पर कई साल काम कर चुका था. उसे परिवार और फ्लैट की जानकारी थी तथा घर में आने-जाने का पुराना परिचय था. चोरी के आरोप के बाद उसे करीब छह साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था. इसके बावजूद विशाल का परिवार से संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था. वह बेटे और बहू के संपर्क में था. पुलिस के मुताबिक इसी वजह से हत्यारों के लिए घर में प्रवेश आसान हुआ.
6 सितंबर की रात-बेटे-बहू निकले बाहर
CCTV के मुताबिक रात करीब 9:36 बजे विनीत के बेटे सुब्रत और बहू शालू अपने बच्चे के साथ घर से निकले. करीब 10 मिनट बाद दो संदिग्ध फ्लैट में दाखिल हुए.
हत्यारे फ्लैट में छिपे रहे
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी करीब 75 मिनट तक फ्लैट के अंदर रहे. रात करीब 10:58 बजे विनीत घर पहुंचे. इसके बाद दोनों ने उन पर चाकू से हमला किया.
चाकू से 26 से ज्यादा वार
विनीत मिनोचा पर चाकू से 26 से ज्यादा वार किए गए. इसके बाद आरोपी फ्लैट से निकल गए.
सुबह करीब 4 बजे -शव मिला
पार्टी से लौटे बेटे-बहू ने फ्लैट का दरवाजा खुला पाया. अंदर विनीत की खून से लथपथ लाश मिली. चारों तरफ खून बिखरा हुआ था. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
पुलिस की जांच में CCTV बना बड़ा सुराग
अपार्टमेंट के CCTV फुटेज खंगालने पर दो संदिग्धों के फ्लैट में आने-जाने की जानकारी मिली.जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी तो एक संदिग्ध की पहचान विनीत के पुराने कर्मचारी विशाल गौतम के रूप में हुई.
पुलिस एक्शन व एनकाउंटर,दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो गार्ड के बयान से शालू पर शक गहरा गया. रविवार (6 सितंबर) शाम को ही पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान हत्यारे विशाल और राजकिशोर दोनों के पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया. विशाल ने कस्टडी में कबूला कि "शालू मैडम ने ससुर को मारने के लिए ₹6 लाख दिए थे"। कड़ाई से पूछताछ में शालू टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
7 सितंबर-बहू पर शिकंजा
जांच में पुलिस ने बहू शालू को कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता माना. पुलिस के अनुसार उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। रिपोर्टों में हत्या के पीछे घरेलू विवाद, CCTV निगरानी और खर्चों को लेकर नाराजगी जैसे पहलुओं की जांच की बात सामने आई है.
कॉल डिटेल से भी मिली कड़ी
एक रिपोर्ट के मुताबिक घटना से पहले शालू और विशाल के बीच 14 बार बातचीत हुई थी. पुलिस अब कॉल डिटेल, CCTV, गार्ड के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ रही है.
बड़ी कहानी क्या है?
बाहर से देखने पर यह घर में घुसकर किया गया हत्या का मामला लगा, लेकिन पुलिस की जांच में शक परिवार के अंदर तक पहुंचा.आरोप है कि बहू ने पुराने कर्मचारी को सुपारी दी, उसे घर में प्रवेश का रास्ता मिला और फिर बेटे-बहू के बाहर जाने के बाद हत्यारे फ्लैट में छिप गए. विनीत के लौटते ही उनकी हत्या कर दी गई. हालांकि, ये पुलिस जांच और आरोपों पर आधारित बातें हैं; अदालत में दोष सिद्ध होना बाकी है। पति सुब्रत की भूमिका को लेकर भी जांच जारी बताई गई है.