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इकाना को पछाड़ यूपी का सबसे बड़ा स्टेडियम बनेगा ग्रीन पार्क, जानिए क्या है सरकार की प्लानिंग

Kanpur Green Park Stadium: कानपुर का ग्रीन पार्क स्टेडियम दो साल के लिए बंद होने जा रहा है. इसके बाद नए अवतार में नजर आएगा. सरकार ने 456 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी भी दे दी है.

इकाना को पछाड़ यूपी का सबसे बड़ा स्टेडियम बनेगा ग्रीन पार्क, जानिए क्या है सरकार की प्लानिंग
Image Credit: AI Image

Kanpur Green Park Stadium: कानपुर का ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम नए अवतार में नजर आएगा. 456 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का कायाकल्प किया जाएगा. ऐसे में अगले 2 साल तक इस स्टेडियम में कोई मैच नहीं हो सकेगा. कुला मिलाकर 2 साल के लिए ये स्टेडियम बंद होने जा रहा है. आइए जानते हैं क्या है सरकार की प्लानिंग?.  

2 साल तक मैच नहीं हाेगा
वर्षों से क्रिकेट मैचों का गवाह रहे ऐतिहासिक ग्रीन पार्क मैदान की सूरत अब पूरी तरह बदलने की तैयारी है. करीब 456.94 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है. इसके बाद यहां दर्शकों को पहले से कहीं बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी. इस दौरान यहां करीब 2 साल तक अंतरराष्ट्रीय या बड़े स्तर के क्रिकेट मैच आयोजित नहीं हो सकेंगे. ग्रीन पार्क स्टेडियम के मौजूदा ढांचे को ध्वस्त कर नए सिरे से दोबारा निर्माण किए जाने की योजना है. आने वाले समय में क्रिकेट प्रेमियों को बिल्कुल नया स्टेडियम देखने को मिलेगा.

55 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी 
ग्रीन पार्क स्टेडियम बनने के बाद दर्शकों की क्षमता बढ़ जाएगी. करीब 55 हजार दर्शक यहां बैठकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आनंद ले सकेंगे. मौजूदा क्षमता के मुकाबले यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है. इतनी बड़ी क्षमता के साथ ग्रीन पार्क उत्तर प्रदेश के प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल हो जाएगा. अभी तक इकाना स्टेडियम में 50 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है. ग्रीन पार्क सबसे बड़ा स्टेडियम हो जाएगा.

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा
ग्रीन पार्क स्टेडियम को सिर्फ बड़ा ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि इसे आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया जाएगा. खिलाड़ियों और मैच से जुड़ी व्यवस्थाओं तक में बदलाव किया जाएगा. ग्रीन पार्क स्टेडियम में मैच देखने आने वाले दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी. नए डिजाइन और योजना के मुताबिक ही ग्रीन पार्क स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा. यही वजह है कि निर्माण कार्य के दौरान यहां लंबे समय तक क्रिकेट गतिविधियां प्रभावित रहेंगी.

ग्रीन पार्क स्टेडियम का इतिहास
ग्रीन पार्क स्टेडियम का इतिहास वर्षों पुराना है. यह मैदान देश के प्रमुख क्रिकेट मैदानों में अपनी अलग पहचान रखता है. यहां कई यादगार मुकाबले खेले जा चुके हैं. यहां आखिरी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच 2024 में खेला गया था. भारत और बांग्लादेश के बीच 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक टेस्ट मैच खेला गया था. इसके बाद से ग्रीन पार्क स्टेडियम में कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच नहीं खेला गया.

456 करोड़ से बदलेगी स्टेडियम की सूरत
ग्रीन पार्क स्टेडियम का दोबारा निर्माण करने में करीब 456.94 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. निर्माण पूरा होने के बाद जब ग्रीन पार्क नए रूप में खुलेगा तो यहां बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है. नया स्टेडियम न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा क्रिकेट वेन्यू बन सकता है.

अक्टूबर से शुरू हो जाएगा काम 
सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि बताया कि अगले महीने यानी अक्टूबर से निर्माण काम शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि क्रिकेट स्टेडियम बनने के बाद कानपुर और उसके आसपास के जिलों से निकलने वाले प्रतिभाओं को मंच मिल सकेगा. खिलाड़ियों के प्रैक्टिस के लिए खास व्यवस्था की जाएगी. ताकि गरीब बच्चों का क्रिकेट खेलने का सपना अधूरा न रह जाए. उन्हें भविष्य के अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए तैयार किया जाएगा. 
 

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About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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