दीपोत्सव में इकबाल अंसारी: प्रभु राम के आगमन की बड़ी तैयारी, अयोध्या में सजेगा कौमी एकता का महाकुंभ
अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियों के बीच बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के दिन वह अपने परिवार के साथ राम की पैड़ी जाएंगे और दीप प्रज्वलित कर इस उत्सव में शामिल होंगे.
अयोध्या एक बार फिर दिव्य और भव्य दीपोत्सव का साक्षी बनने जा रहा है. 7 नवंबर के दीपोत्सव को लेकर पूरी रामनगरी को दुल्हन की तरह सजाया-संवारा जा रहा है. इस बार का दीपोत्सव न केवल आस्था और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम होगा, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल भी पेश करेगा. इस दीपोत्सव बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार रहे इकबाल अंसारी भी अपने परिवार के साथ शामिल होंगे.
उन्होंने बताया कि अपने परिवार के साथ राम की पैड़ी पर दीप प्रज्वलित कर इस महाकुंभ के साक्षी बनेंगे.
इकबाल अंसारी ने जताई खुशी
ज़ी मीडिया से बातचीत के दौरान बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने अपनी खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि भगवान राम के आगमन की तैयारी हो रही है और पूरी अयोध्या को सजाया-संवारा जा रहा है. जब भगवान राम अयोध्या आए थे, तब भी इसी तरह राम नगरी अयोध्या को सजाया गया था. आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव का भव्य आयोजन हो रहा है. उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के दिन अपने परिवार के साथ राम की पैड़ी जाएंगे. वहां दीप प्रज्वलित कर इस उत्सव में शामिल होंगे और दीपों के इस महाकुंभ का साक्षी बनेंगे.
उनका यह कदम अयोध्या की साझा संस्कृति और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है.
30 लाख दीयों का विश्व रिकॉर्ड
इस बार का दीपोत्सव कई मायनों में बेहद खास होने जा रहा है. पहली बार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 नवंबर को अयोध्या दीपोत्सव का हिस्सा बनेंगे. इस ऐतिहासिक पल को बेहद खास बनाने के लिए सरयू नदी के तट पर स्थित राम की पैड़ी समेत कुल 56 घाटों पर 30 लाख दीये प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है. इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार स्वयंसेवक दिन-रात घाटों की मार्किंग और दीयों को सजाने के काम में जुटे हुए हैं.
AI रंगोली और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल
परंपरा और आधुनिकता के इस संगम में तकनीक का भी अनूठा प्रयोग देखने को मिलेगा. धर्मपथ पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से खूबसूरत और आकर्षक रंगोलियां तैयार की जा रही हैं, जो भारतीय संस्कृति के साथ आधुनिक कला का प्रदर्शन करेंगी. इसके अलावा, 35 हजार स्वयंसेवकों और मेहमानों के प्रवेश को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए QR कोड आधारित डिजिटल पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लाखों श्रद्धालुओं और विदेशी पर्यटकों के आने की संभावना है. जिसके चलते अयोध्या को विभिन्न जोन और सेक्टरों में विभाजित किया गया है. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है. सुरक्षा व्यवस्था में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ पीएसी और आरएएफ की टुकड़ियां तैनात रहेंगी.
(अयोध्या से प्रवेश कुमार की रिपोर्ट)