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आलोक त्रिपाठी/गाजीपुर: भारत ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुष हॉकी फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस जीत के साथ भारत ने हॉकी में अपना खिताब बरकरार रखा और 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई भी किया. एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम की शानदार जीत के बाद गाजीपुर में भी खुशी की लहर दौड़ गई.
गाजीपुर में जश्न का माहौल
मलेशिया को 5-1 से मात देकर भारत ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, तो गाजीपुर के करमपुर हॉकी स्टेडियम में जश्न का माहौल देखने को मिला. हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल की मां मनराजी पाल ने भारत की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए इसे जितिया पर्व से जोड़कर देखा. उनका कहना है कि आज जितिया का व्रत है और उन्हें उम्मीद थी कि जितिया माता की कृपा से भारत को जीत मिलेगी.
करमपुर हॉकी स्टेडियम में मिठाई बांटी गई
वहीं, गाजीपुर का करमपुर हॉकी स्टेडियम हॉकी की नर्सरी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. इसी मैदान से निकले राजकुमार पाल ने भारतीय हॉकी में अपनी पहचान बनाई है. भारत और मलेशिया के बीच गोल्ड मेडल मुकाबला देखने के लिए करमपुर स्टेडियम के संचालक अनिकेत सिंह, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह और बड़ी संख्या में छोटे-छोटे हॉकी खिलाड़ी मौजूद रहे.
हॉकी प्रेमियों के खिल उठे चेहरे
जैसे ही भारत की जीत पक्की हुई, बच्चों और हॉकी प्रेमियों के चेहरे खुशी से खिल उठे. भारत की जीत ने करमपुर की हॉकी नर्सरी में एक बार फिर देशभक्ति और गर्व का माहौल बना दिया. हॉकी खिलाड़ियों ने कहा कि वह पूरा मैच देख रहे थे. पहले हॉफ में ही भारतीय टीम ने बढ़त बना ली थी. पहले हाफ में भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त बनाई हुई थी. दूसरे हाफ में टीम इंडिया की ओर से कुल 3 गोल हुए. इतिहास में पहली बार भारत ने लगातार 2 बार एशियन गेम्स में मेंस हॉकी में स्वर्ण पदक जीता है.
भारत ने जीते 21 गोल्ड
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्वर्ण पदक जीतने पर भारत के खाते में 21 गोल्ड समेत कुल 85 पदक हो गए हैं. इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत मेडल टेबल में उज्बेकिस्तान को पीछे छोड़कर चौथे पायदान पर पहुंच गया है. उज्बेकिस्तान के नाम भी 21 गोल्ड हैं, लेकिन कुल पदकों और सिल्वर मेडल की संख्या में भारत उससे आगे है.