नोएडा के एमपी-2 एलिवेटेड रोड पर बार-बार गड्ढे होने और सड़क धंसने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है. इसी कड़ी में आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की टीम एलिवेटेड रोड का निरीक्षण करने पहुंची. टीम ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लिया और निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की.
यह एलिवेटेड रोड सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. सड़क पर बार-बार गड्ढे होने की घटनाओं के बाद इसकी निर्माण गुणवत्ता और मजबूती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए आईआईटी रुड़की की तकनीकी टीम से जांच कराई जा रही है, ताकि समस्या की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके.
निरीक्षण के दौरान आईआईटी रुड़की के इंजीनियर एलिवेटेड रोड के पिलरों तक पहुंचे. टीम ने पिलरों का निरीक्षण करते हुए उन पर नंबरिंग भी की. माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया से जांच के दौरान अलग-अलग पिलरों और उनसे जुड़े हिस्सों की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी. हालांकि, सड़क में गड्ढे होने की वास्तविक वजह तकनीकी जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी.
जांच और मरम्मत से जुड़ी कार्रवाई के चलते एलिवेटेड रोड को 10 दिनों के लिए आम जनता की आवाजाही के लिए बंद किया गया है. इससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. अब सभी की निगाहें आईआईटी रुड़की की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं. रिपोर्ट से पता चलेगा कि सड़क पर बार-बार गड्ढे होने के पीछे क्या तकनीकी कारण हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन उपायों की जरूरत है. जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
आवागमन बाधित
बता दें कि पिछले दिनों इस्कान मंदिर के सामने एलिवेटेड सड़क धंस गई थी. दो दिन बाद फिर से सड़क उखड़ गई. आलम ये था कि सड़क निर्माण में लगी सरिया भी दिखने लगी थी. आनन फानन बैरिकेडिंग कर रास्ते को बंद किया गया. उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने बार बार धंस रही सड़क की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी रुड़की की टीम बुलाई है. आईआईटी रुड़की की टीम ने शनिवार को पूरी सड़क का निरीक्षण किया है. तकनीकी खामियों को उजागर करने में टीम जुटी है. फिलहाल एक तरफ आवागमन बाधित है.