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Noida News: ग्रेटर नोएडा में यूपी की पहली दो मंजिला एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा से मेरठ तक का सफर और आसान होने जा रहा है. इसके लिए ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (नेशनल हाइवे-24) से जोड़ने की योजना है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इन प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है. जल्द ही जमीन पर काम भी शुरू हो जाएगा.
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का फैसला
दरअसल, प्रदेश का पहला डबल डेकर रोड बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए एनएचएआई को जिम्मा सौंपा था. इस पर एनएचएआई ने सर्वे कर दो विकल्प दिए. पहले विकल्प में एक मूर्ति से नाले तक डबल डेकर सड़क प्रस्तावित की गई, जबकि दूसरे में शाहबेरी से नाले के साथ लिंक रोड जोड़ने का प्रस्ताव है. इस सड़क को बनाने के लिए बनी समिति ने पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाने का निर्णय लिया है. ऐसे में अब 756.01 करोड़ रुपये की लागत से इसे बनाया जाएगा.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ा जाएगा
दूसरे चरण में शेष सड़क का निर्माण पूरा किया जाएगा. परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरण समान रूप से वहन करेंगे. इस फैसले से 130 मीटर चौड़ी सड़क से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी.
ग्रेटर नोएडा से ईस्टर्न पेरिफेरल तक बनेगी 105 मीटर चौड़ी सड़क
ग्रेटर नोएडा में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. ग्रेटर नोएडा फेस-1 में इस सड़क का करीब 6 किलोमीटर हिस्सा पहले ही बन चुका है. अब फेस-2 में ग्राम जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल तक करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होना है. इस सड़क के अलाइनमेंट में ईस्टर्न पेरिफेरल तक रेलवे लाइन, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लिंक लाइन और जीटी रोड आएंगे.
तीन ओवरब्रिज बनाया जाएगा
इन स्थानों पर तीन ओवरब्रिज बनाया जाएगा. सड़क को 10 लेन तथा चार सर्विस लेन के रूप में विकसित किया जाएगा. इस सड़क के लिए आवश्यक भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि निर्माण पर आने वाला खर्च एनएचएआई वहन करेगा. सड़क के दायरे में ग्रेटर नोएडा फेस-1, फेस-2 और डीएनजीआईआर क्षेत्र की भूमि शामिल है.
ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आवास बनाने को मंजूरी
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आवास, लेबर हॉस्टल और सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने को मंजूरी दे दी है. प्राधिकरण पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने जा रहा है. इसकी जमीन चिंहित हो गई है. सभी औपचारिकता पूरी कर इसी साल के अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य है. इसका उद्देश्य जनपदों और राज्यों से आने वाले निर्माण श्रमिकों तथा परिवारों को सुविधायुक्त बेहतर और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है.
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