ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों को बड़ी राहत! किराये के कमरे की टेंशन होगी खत्म, मिलेगा अपना ठिकाना!
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में दूर दराज से काम की तलाश में आने वाले श्रमिकों को किराये के कमरे के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन श्रमिकों को खुद का आशियाना बनाने का मौका देने जा रहा है.
Greater Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में काम की तलाश में आने वाले श्रमिकों के लिए अच्छी खबर है. श्रमिकों को अब किराये पर कमरे के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. ग्रेटर नोएडा में मजदूरों के रहने के लिए श्रमिक आवास, लेबर हॉस्टल बनाने की योजना है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने जा रहा है. आइए जानते हैं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पूरी प्लानिंग क्या है?.
किराये के कमरे का चक्कर खत्म
दरअसल, औद्योगिक शहर ग्रेटर नोएडा में अपना और अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में श्रमिक आते हैं. एक वक्त के बाद वे यहां अपने लिए आशियाना बनाकर रहने की ख्वाहिश रखते हैं. बिल्डर फ्लैटों की कीमत ऐसे लोगों के पहुंच से दूर होती है, जिससे अपने घर का सपना पूरा नहीं हो पाता है. कई बार वे अनधिकृत कालोनियों में अपनी गाढ़ी कमाई लगा देते हैं. अब इस समस्या का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने समाधान निकाल लिया है.
ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए जाएंगे
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने जा रहा है. इसकी जमीन चिंहित हो गई है. सभी औपचारिकता पूरी कर इसी साल के अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य है. इसका उद्देश्य जनपदों और राज्यों से आने वाले निर्माण श्रमिकों तथा परिवारों को सुविधायुक्त बेहतर और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है.
3 हजार वर्ग मीटर में बनेगा श्रमिक हॉस्टल
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने बताया कि रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आने पर अप्रवासी श्रमिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तत्काल अस्थाई आवास की होती है. होटल बहुत महंगा पड़ता है. उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ट्रांजिट हॉस्टल योजना के लिए के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से सेक्टर ईकोटेक-06 व ईकोटेक-11 में 3000-3000 वर्ग मीटर भूमि चिंहित कर ली गई है.
श्रम विभाग को सौंपी जाएगी जमीन
प्राधिकरण यह भूखंड श्रम विभाग को निशुल्क ट्रांसफर कर देगा. श्रम विभाग इसका निर्माण करेगा. इस हॉस्टल में अप्रवासी मजदूर बहुत कम किराया देकर रोजगार तलाश सकेंगे और रोजगार मिलने के बाद वे अपने लिए स्थाई आवास तलाश सकेंगे. प्राधिकरण के इस फैसले से हजारों अप्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत मिलेगी. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अल्फा वन में पब्लिक लाइब्रेरी भी बनाने जा रहा है.