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कन्हैया लाल शर्मा/मथुरा: धर्मनगरी मथुरा में एक महिला बैंककर्मी को परेशान करने, आपत्तिजनक मैसेज भेजने और उनके पूरे परिवार की 'रेकी' करने का एक संगीन मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव राजन रिजवी के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है. मामला गरमाते ही सपा आलाकमान ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राजन रिजवी को प्रदेश सचिव पद से बर्खास्त कर दिया है.
1 महीने से थाने का चक्कर लगा रही थी पीड़िता
पीड़ित महिला बैंक कर्मचारी के अनुसार, राजन रिजवी ग्राहक बनकर बैंक आता था और लगातार उन पर नजर रखता था. आरोपी ने बिना अनुमति के पीड़िता का निजी मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और आपत्तिजनक व अवांछित मैसेज भेजने शुरू कर दिए, जब पीड़िता ने फोन उठाने और संपर्क रखने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि 'मैं तेरी निजी CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाता हूं.' परेशान होकर पीड़िता ने नंबर ब्लॉक किया तो आरोपी की हरकतें और बढ़ गईं.
रात को कॉलोनी में टहलता मिला, परिजनों की भी जुटा रहा था जानकारी
तहरीर के मुताबिक, नंबर ब्लॉक करने के बाद राजन रिजवी रात के वक्त करीब 9:30 बजे पीड़िता की आवासीय कॉलोनी के आसपास घूमता देखा गया. आरोप है कि राजन ने महिला के पति (जो क्षेत्रीय वन अधिकारी हैं), घर, वाहन, घरेलू सहयोगी, कुक और ड्राइवर तक की जानकारियां जुटाईं. बैंक के बाहर खड़ी पीड़िता की गाड़ी की तस्वीरें भी खींचीं, जो सीसीटीवी में दर्ज हैं. महिला ने आशंका जताई है कि आरोपी किसी निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिए उनकी और उनके परिवार की जासूसी करा रहा है और पति के खिलाफ झूठी शिकायतें कराने की फिराक में है.
सपा ने पद से हटाया, जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए सपा आलाकमान ने आरोपी राजन रिजवी को पार्टी पद से हटा दिया है. उधर, पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच निरीक्षक सुनील कुमार को सौंपी है. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आगे की सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है. सहायक पुलिस अधीक्षक आशना चौधरी ने बताया कि महिला बैंक कर्मी द्वारा शिकायती प्रार्थना पत्र मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
यूपी की राजनीति में सियासी बयानबाजी शुरू
वहीं, सपा नेता राजन रिजवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के एमएलसी और वरिष्ठ नेता योगेश नौहवार ने इस पूरे मामले पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं पर जमकर निशाना साधा है.
आईएएस बनाने का सपना दिखाना राजनीति का नीच स्तर
योगेश नौहवार ने कहा कि अखबार के माध्यम से उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी मिली है. उन्होंने मामले को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर बताते हुए कहा कि एक महिला को मुख्यमंत्री कोटे से आईएएस बनाने के झूठे सपने दिखाना और अनर्गल भाषा का प्रयोग कर गुमराह करना राजनीति की मर्यादा के खिलाफ है. उन्होंने कहा, "राजनीति में इतने बड़े पद पर रहने वाले व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत करना और लड़कियों को गुमराह करना बेहद निंदनीय है."
'चवन्नी-रुपया' बयान पर घेरा, कार्यकर्ताओं के आचरण पर उठाए सवाल
रालोद एमएलसी ने सपा नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ समय पहले सपा के लोग रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को लेकर अनर्गल बातें कर रहे थे, लेकिन उन्हें पहले अपने कार्यकर्ताओं की राह देखनी चाहिए कि वे समाज में किस तरह का आचरण कर रहे हैं.
'हमें चौधरी चरण सिंह जी ने सिखाई है एबीसीडी'
सपा के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा हाल ही में दिए गए बयान ('समाज हाशिए पर था, हमने एबीसीडी सिखाई') पर पलटवार करते हुए नौहवार ने कहा, "हमें तुम्हारी एबीसीडी सीखने की जरूरत नहीं है. तुम्हारी एबीसीडी वही है जो तुम्हारे कार्यकर्ता समाज में कर रहे हैं. हमें तो देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी ने एबीसीडी सिखाई है, और उसी एबीसीडी पर हमारी पार्टी चल रही है."
सपा अध्यक्ष से सख्त कार्रवाई की मांग
योगेश नौहवार ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के कारनामों पर नजर डालें तथा संगठन में सुधार लाएं. उन्होंने मांग की कि ऐसे अमर्यादित और समाज को शर्मसार करने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए.