App

ग्रेटर नोएडा में किसानों का हल्ला बोल: अथॉरिटी के बाहर जुटे किसान संगठन के लोग, राकेश टिकैत ने दी बड़ी चेतावनी

Greater Noida Farmers Protest: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में किसानों ने अपनी मुख्य मांगों 64.7% अतिरिक्त मुआवजा, 10% आवासीय प्लॉट और आबादी निस्तारण को लेकर तीनों प्राधिकरणों पर जोरदार प्रदर्शन व महापंचायत की. राकेश टिकैत ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा.

ग्रेटर नोएडा में किसानों का हल्ला बोल: अथॉरिटी के बाहर जुटे किसान संगठन के लोग, राकेश टिकैत ने दी बड़ी चेतावनी
Image Credit: Greater Noida Farmers Protest

ग्रेटर नोएडा न्यूज/भूपेश प्रताप: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में किसानों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. किसान सभा की महापंचायत में दो हजार से ज्यादा किसान जुटे. वहीं भारतीय किसान यूनियन ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के बाहर धरना-प्रदर्शन किया. किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. रास्तों को बंद करने के लिए करीब 10 बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं. इससे आसपास के इलाकों में भी आवाजाही प्रभावित रही.

तीनों प्राधिकरणों पर किसानों का प्रदर्शन

किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण पर मोर्चा खोला. भारतीय किसान यूनियन के जोनल अध्यक्षों ने अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन की अगुवाई की. किसानों का कहना है कि लंबे समय से उनकी कई मांगें लंबित हैं, लेकिन प्राधिकरण और प्रशासन की ओर से उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसान सभा ने महापंचायत की. इसकी अगुवाई रूपेश वर्मा, सुखबीर खलीफा और सोरन प्रधान ने की. किसान सभा के लोग 9 सितंबर से प्राधिकरण पर धरना दे रहे हैं. किसान सभा के जिला अध्यक्ष रूपेश वर्मा ने कहा कि धरने के कई दिन बीतने के बावजूद उनकी मांगों पर गंभीरता से सुनवाई नहीं हुई.  इसी वजह से महापंचायत बुलाकर सरकार और प्राधिकरण तक अपनी आवाज पहुंचाई गई.

64.7 फीसदी मुआवजा और 10 प्रतिशत प्लॉट की मांग

किसानों की मुख्य मांगों में 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा, आबादी का निस्तारण और 10 प्रतिशत आवासीय प्लॉट शामिल हैं. किसान 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने की मांग भी कर रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन के पवन खटाना ने कहा कि किसान लंबे समय से इन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है.

किसानों का कहना है कि उनकी जमीन प्राधिकरण की योजनाओं के लिए ली गई, लेकिन जमीन देने के बाद भी उन्हें वह लाभ नहीं मिला, जिसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं.  किसानों का आरोप है कि हर बार बातचीत में आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीन पर कोई ठोस फैसला नहीं होता.

टिकैत बोले- अब किसानों के बीच ही रहेंगे

प्रदर्शन के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचे. उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन अब अधिकारी उनसे मिलने तक को तैयार नहीं हैं. टिकैत ने कहा कि अगर किसानों की आवाज नहीं सुनी गई तो किसान प्राधिकरण के काम को रोकने के लिए मजबूर होंगे.

राकेश टिकैत ने साफ कहा कि 10 प्रतिशत आवासीय प्लॉट और 64.7 फीसदी मुआवजा किसानों को देना होगा. उन्होंने कहा कि अब आंदोलन कुछ समय का नहीं रहेगा. राकेश टिकैत ने ग्रेटर नोएडा में ही डेरा डालने का ऐलान करते हुए कहा कि अब धरना यहीं पर स्थायी रूप से चलेगा और वह किसानों के बीच रहेंगे.

या जेल जाएंगे, या अस्पताल, लेकिन धरना जारी रहेगा

टिकैत ने आंदोलन को लेकर कहा कि किसानों के सामने अब तीन रास्ते हैं. या तो वे जेल जाएंगे, या अस्पताल जाएंगे या फिर लगातार धरना देते रहेंगे. उन्होंने प्रशासन की ओर से रास्ते बंद करने के लिए जेसीबी और बुलडोजर लगाए जाने पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि इस बार किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं. टिकैत ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अब ट्रैक्टर और जेसीबी के बीच भीषण लड़ाई होगी. उनका कहना था कि किसान अपनी जमीन और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

आश्वासन नहीं, अब समाधान चाहते हैं किसान

भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि तीनों प्राधिकरणों पर प्रदर्शन के बाद किसान आगे की रणनीति तय करेंगे। किसानों ने साफ कर दिया है कि इस बार सिर्फ बातचीत या आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा. उनका कहना है कि जब तक मुआवजा, आबादी और 10 प्रतिशत प्लॉट समेत उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए प्राधिकरण के आसपास बैरिकेडिंग और भारी सुरक्षा व्यवस्था की. रास्तों को बंद करने के लिए बुलडोजर और जेसीबी लगाए गए.  इससे साफ है कि किसानों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने की तैयारी में है. वहीं किसानों ने भी लंबी लड़ाई के लिए तंबू लगाने और धरना जारी रखने का ऐलान कर दिया है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Jyoti Kumari

Jyoti Kumari

ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More