सपा नेता आजम खान की मुश्किलें बरकरार हैं. दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को जमानत दे दी थी. शनिवार को आजम खान के जेल से बाहर आने की खबरें थीं. देर शाम ईडी की टीम भारी फोर्स के साथ रामपुर जेल पहुंच गई. इसी के साथ अंदेशा लगने लगा कि आजम खान की दोबारा गिरफ्तारी हो सकती है. सात बजे आजम खान जैसे ही ही रामपुर जेल से बाहर निकले, गेट पर भारी फोर्स तैनात थी. ईडी की टीम ने आजम खान को हिरासत में ले लिया.
आजम के समर्थकों का ड्रामा
ईडी आजम खान से जौहर यूनिवर्सिटी केस में पूछताछ करेगी. सपा नेता आजम खान पर जौहर यूनिवर्सिटी मामले में 494 करोड़ रुपये का हिसाब न दे पाने का आरोप है. इससे पहले ईडी ने 14 अक्टूबर को आजम के खिलाफ केस दर्ज किया था. शनिवार को रिहा होते ही ईडी ने आजम खान को हिरासत में ले लिया. इस दौरान सपा नेता के समर्थकों ने जमकर ड्रामा किया. जेल के बाहर सुरक्षा के लिहाज से पहले ही सीआरपीएफ बुला ली गई थी.
अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.